किसानों से सम्बंधित बिल को बिना सहमति के संसद में पास करवाने के बाद भाजपा के लिए लोगों में बेहद नाराजगी है। भाजपा की लगातार जन विरोधी नीतियों से पार्टी से जुड़े लोग धीरे धीरे कटने लगें हैं। बात चाहे निजीकरण की हो या किसान विरोधी बिल की, अब लोगों को लगने लगा है कि भाजपा ने जनता का नही बल्कि सिर्फ अपने लोगों का भला किया है। आज लोग आंकलन करने लगे हैं कि परिवार को खत्म करने की बात करके सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं से सिर्फ अपना और अपने परिवारों का ही भला किया है। बात चाहे नितिन गटकरी के बेटे की हो, अजीत डोभाल के बेटे की हो या स्वयं पार्टी के चाणक्य अमित शाह के बेटे को हो । आज पार्टी में सिर्फ वही लोग टिके हुए हैं जिनको खाने को बराबर मिल रहा है। पंजाब में आकली दल की नेता का इस्तीफा देना साफ दर्शाता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नही है। कई अन्य लोग भी मौके की फिराक में पार्टी से जुड़े हुए है, समय अनुकूल न होने की स्थिति में वह लोग भी भाजपा को अलविदा कर देंगे।


उत्तराखंड में भाजपा के कुछ कार्यकर्ता आम आदमी से जुड़ चुके हैं। अब चकराता प्रखंड से जुड़े युवा क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने समर्थकों के साथ भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेस में शामिल हुए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर में कांग्रेस का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीति के चलते जनता में आक्रोश है। झूठे सपने दिखाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार को आने वाले चुनाव में जनता बाहर का रास्ता दिखाई। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीति के चलते पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में बेरोजगारी चरम पर है। सत्ता के नशे में चूर डबल इंजन की सरकार के पास राज्य के हजारों बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।


रोजगार की तलाश में भटकते युवा पलायन करने को मजबूर हैं। भाजपा सरकार में तेजी से बढ़ती मंहगाई व ऊपर से कोरोना की दोहरे मार झेल रहे जनता का दुख-दर्द जानने की सरकार के पास फुर्सत नहीं है। कोरोनाकाल में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले श्रमिक, छोटे किसान, बागवान, व्यापारी, गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार व अन्य कारोबारी बेहाल है।