फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में हुई नकल और गड़बड़ी की रिपोर्ट गुरुवार को सार्वजनिक कर दी है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने इसकी पुष्टि की है। आपको बता दें कि इस परीक्षा में 57 अभ्यर्थियों ने ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया था। प्रदेश के 22 परीक्षा केंद्रों में ये 57 अभ्यर्थी नकल के लिए बैठे हुए थे। एसआइटी ने इसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपी।


16 फरवरी को फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके लिए 1 लाख 56 हजार छात्रों ने आवेदन किया था, जिसमें से करीब 97 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के अगले दिन यानी 17 फरवरी को परीक्षा में नकल के मामले सामने आने शुरू हो गए थे। परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था। प्रदेश के 22 परीक्षा केंद्रों में 57 अभ्यर्थी नकल के लिए बैठे थे। इनमें 20 अभ्यर्थी हरिद्वार के परीक्षा केंद्र, एक पौड़ी और एक देहरादून के परीक्षा केंद्र में बैठा था। अभी तक 57 अभ्यर्थियों में से 31 अभ्यर्थियों को चिह्नित कर लिया गया है। बाकी के 26 अभ्यर्थियों की तलाश जारी है। आयोग ने 26 अभ्यर्थियों से 18 अक्टूबर तक जानकारी देने की अपील की है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी से कहा कि रिपोर्ट परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियो को भेजी जा रही है। उनकी राय ली जा रही है। छात्र जांच से संतुष्ट हैं तो सरकार अंतिम निर्णय लेगी।



गौरतलब है कि परीक्षा के लिए पूर्व से तैयारी कर रहे छात्र इस घटना के बाद बेहद आहत हुए। अब छात्रों की भावनाओ को ध्यान में रखते हुए आयोग ने फिर से परीक्षा करवाए जाने का मुद्दा छात्रों पर ही छोड़ दिया है। आयोग का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया गया है। इसके बाद अगर छात्र संतुष्ट नही होंगे तो परीक्षा फिर से करवाई जाएगी ।