आज कल 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं का दुर्गम क्षेत्रों में आना जाना बना हुआ है। भले वैसे तो पाँच वर्ष तक याद न आये लेकिन चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के वाहन बेहाल पड़ी सड़कों की तरफ बढ़ने लगते हैं। नेता के आपके क्षेत्र से जितने का तो कोई फायदा नही होता लेकिन नेता के दौरे से पहले सड़कों की मरम्मत हो जाती है। सिस्टम का भी अजब हाल है एक ओर जनता सड़कों पर गड्ढों के कारण हिचकोले खाने को मजबूर है तो दूसरी ओर विभागीय अधिकारी खुद को बेहतर साबित करने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते।



ऐसा ही कुछ बीते दो दिनों में देखने को मिला। सीएम त्रिवेंद्र रावत का नैनीताल दौरा प्रस्तावित हुआ तो बरसात से क्षतिग्रस्त सड़क दो दिन में ही बनकर तैयार हो गयी। अब तक जिसके जीर्णोद्धार में बजट का रोड़ा सामने आ रहा था उस धसी सड़क का न सिर्फ ट्रीटमेंट कर दिया गया, बल्कि आनन फानन में देर रात तक काम चलवाकर डामरीकरण भी करवा दिया गया। बरसात में बालियानाले की तलहटी में भूस्खलन के चलते भवाली- नैनीताल मोटरमार्ग में कैलाखांन भूधसाव हो गया था। जिससे सड़क का करीब 70 मीटर हिस्से में बड़ी बड़ी दरारे उभर आई थी। सड़क के ट्रीटमेंट की बात उठी तो लोनिवि अधिकारी बजट नहीं होने और भौगोलिक सर्वे के बाद ही ट्रीटमेंट करने की बात करने लगें। जिसके बाद सड़क के धसे हुए हिस्से को मिट्टी से भर दिया गया।



बीते दिनों सीएम त्रिवेंद्र रावत का नैनीताल दौरा प्रस्तावित हुआ तो विभागीय अधिकारी नींद से जाग उठे। आनन-फानन में सड़क का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया गया। सुबह से शुरू हुआ काम देर रात तक चलने लगा। क्षतिग्रस्त हिस्से से मिट्टी उखाड़कर दो ही दिन में डामरीकरण कर चकाचक सड़क तैयार कर दी गयी। फिर भी भाजपा को भ्रष्टाचार नही दिखता है। दिखेगा कहाँ से, आखिर लोगों ने देश के प्रधानमंत्री से जो सीखा है कि जब कोई बड़ा आदमी आये तो हकीकत को ढकने के लिए दीवार खड़ी कर दो । आज हर अधिकारी सिर्फ यही कर रहा है और नेताओं को सिर्फ उतना ही दिखा रहा है जितना वो चलते फिरते देखना चाहते हैं। तो अगर आपके क्षेत्र में भी सड़क नही है या बदहाल है तो भाजपा के किसी नेता या मुख्यमंत्री का दौर करवा लीजिए, आपकी समस्या कुछ हद्द तक हल हो जायेगी ।