तीर्थ नगरी ऋषिकेश में रिश्‍तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। जिस भाई ने बहन से कलाई पर राखी बंधवाते वक्त उसकी रक्षा का वचन दिया था, उसी कलयुगी सगे भाई ने बहन की आबरू लूट ली। विवाहित बहन के साथ ऐसा कुकृत्य करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से हर कोई सन्न है, आखिर बहन भाई के पवित्र रिश्ते को कैसे कोई इस प्रकार कलंकित कर सकता है ।


पीड़ित महिला के पति ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस को तहरीर दी कि बीते सोमवार को जब वह अपने काम पर गया हुआ था तो उसके घर के पड़ोस में ही रहने वाला उसकी पत्नी का भाई जबरन घर में घुस आया और पत्नी को अकेला पाकर हवस का शिकार बना डाला। इतना ही नहीं, आरोपी ने किसी को बताने पर बहन को जान से मारने की धमकी दी थी। पति के काम से लौटने पर महिला ने उसे सारी आपबीती सुनाई। महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यूपी के पीलीभीत जिले के रहने वाला है। आरोपी यहां काम की तलाश में आया हुआ था और बहन के घर के पड़ोस में ही रह रहा था।



समाज में इस पप्रकार के लोग का जिंदा रहना, समाज को कलंकित करना है। देव संस्कृति वाले राज्य उत्तराखंड में आज इस प्रकार के मामले बढ़ने का श्रेय भी बाहरी राज्यों से आए लोगों दिया जाना चाहिए। क्योंकि उत्तराखंड संस्कृति के लोग न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी उनकी तहजीब (आदर्शों) के लिए जाने जाते हैं। बाहरी राज्यों से आये लोग पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंच गये, जिस कारण पहाड़ी क्षेत्र की बहु बेटियां भी सुरक्षित नही रही। बहला-भुसला कर या जादू-टोना कर बहु-बेटीयों को भगया जा रहा है। आये दिन किसी न किसी गांव से ऐसी खबरे आम हो गई हैं। राज्य में धारा 371 का लागू न होना एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है। सरकार को समय रहते बाहरी राज्यों के जमीन खरीदने पर रोक लगा देनी चाहिए, अन्यथा आने वाले समय में उत्तराखंड संस्कृति का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। यौन उत्पीड़न सम्बंधी घटनाओं में तेजी से देखा जाने वाला उछाल इसी ओर इशारा कर रहा है। उत्तराखंड में होने वाली चोरी, मारपीट, यौन उत्पीड़न जैसे 99% मामलों में दूसरे राज्यों के लोग लिप्त पाए जा रहे हैं। सरकार में बैठे लोगों को इस बात पर संज्ञान लेना चाहिए ।