खबर कोटद्वार से सामने आ रही है जहां अजय नौटियाल नामक एक युवक ने आत्महत्या कर ली । अजय नौटियाल रामप्रसाद नौटियाल के पोते थे । रामप्रसाद नौटियाल उत्तर प्रदेश सरकार में विधायक रह चुके थे । लेकिन रामप्रसाद नौटियाल अधिक लंबे समय तक राजनीति में नही रहे और न ही परिवार का कोई अन्य सदस्य राजनीति में आगे बढ़ा । अजय नौटियाल के घर पर उनके माता-पिता, बड़े भाई व भाभी रहते हैं, जबकि उनकी चार बहनों का विवाह हो चुका है।



रविवार सुबह पुलिस ने अजय के पदमपुर स्थित आवास से उनका शव बरामद किया। शव पंखे से बंधी चादर से लटका हुआ था। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वजनों से हुई बातचीत के आधार पर वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी ने बताया कि अजय बेरोजगार था, जिस कारण वह पिछले लंबे समय से तनाव में चल रहा था।

उत्तराखंड सरकार ने लाखों युवाओं का भविष्य अंधेरे में डाल दिया है। जबसे राज्य में भाजपा की सरकार आई है युवाओं के आत्महत्या के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। सरकार रोजगार देने में पूर्ण रूप से असफल है और जो कुछ पद निकले भी हैं उनकी संख्या इतनी महज सैकड़ों में ही जबकि राज्य में पढ़े लिखे बेरोजगारों का आंकड़ा लाखों में है। राज्य की त्रिवेंद्र रावत सरकार खुद ही अपनी पीठ थपथपा रही और ऊपर से कह रही है कि सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है और जिनको नही दिख रहा वो कहते रहें । अब सवाल यह है कि क्या सरकार के पास अब तक बेरोजगारी से मरने वालों का आंकड़ा है ? अगर है तो उसको निकाली गई भर्तियों से मिला लीजिए, क्या पता नौकरी की चाह में मरने वालों का आंकड़ा भी आपके द्वारा निकाले गये पदों से ज्यादा हो गया हो ।