वर्ष 2019 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने उन फर्म से पनीर के सैंपल लिए जो पतंजलि के लिए पनीर बनाती हैं । लेकिन पनीर का सैंपल जांच में फेल हो गया है। इसके बाद विभाग ने पतंजलि और प्रोडक्ट तैयार करने वाली फर्म समेत तीन के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पतंजलि के उत्पादों को बहुत से देशों ने पहले ही फर्जी लिस्ट में डाला हुआ है। दो वर्ष पूर्व कतर देश ने पतंजलि के सभी उत्पादों को अपने देश में प्रतिबंधित कर दिया था । उनकी जांच में पाया गया कि जिन उत्पादों को पतंजलि से प्राकृतिक (Natural) बोल के बेचा जा रहा है, दरअसल वे सभी प्रोडक्ट्स मिलावटी हैं।


खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि 18 जुलाई 2019 को टीम ने पनियाला रोड स्थित एक दुकान से पनीर का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में सैंपल फेल हो गया है। उन्होंने बताया कि लैब रिपोर्ट में कहा गया है कि पनीर की क्वालिटी खराब है। मानकों के विपरीत, पनीर में 30 प्रतिशत से कम फैट और उच्च नमी पाई गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि पतंजलि पनीर की मार्केटिंग करती है जबकि मेरठ की निर्माता फर्म नेचर आर्गेनिक प्रोडक्ट पतंजलि को पनीर उपलब्ध कराती है। एक सप्लायर के जरिए पनीर मार्केट में बेचा जाता है। तीनों के खिलाफ एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।