माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की इस्तीफे की माँग तेज हो गई है। सरकार के घिराव में आम आदमी और कॉंग्रेस लगातार उग्र तेवर अपनाए हुए है। कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने गुरुवार को फिर दोहराया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने भले ही हाईकोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन के एक हिस्से पर रोक लगा दी, मगर शेष आदेश अपनी जगह पर है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हाइकोर्ट ने जो जजमेंट दिया है, उसके आलोक में त्रिवेंद्र सिंह सरकार जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण और स्पष्ट आदेश में सीबीआइ जांच को कहा है। उन्होंने कहा कि यह तीसरी सरकार है जिसे स्टिंग का दंश झेलना पड़ा है। पहली सरकार डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की थी। वह भी उत्तराखंड से घायल होकर गए थे। दूसरी सरकार उनकी यानी हरीश रावत की थी, जिसको ऐसी राजनीतिक अस्थिरता झेलनी पड़ कि राज्य के विकास व स्थिरता पर गहरी चोट पड़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में यदि पत्रकार स्टिंग करें तो वह इसका स्वागत करते हैं, लेकिन यदि उद्देश्य कुछ और हो तो राज्य के लिए स्थिति खतरनाक है। गौरतलब है कि रावत का इशारा वर्तमान सरकार की तरफ था।