गैरसैंण में पहली बार राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन के जरिये संदेश दिया गया कि गैरसैंण सरकार के लिए सिर्फ प्रतीकात्मक राजधानी नहीं है। विधानसभा भवन के प्रांगण में मुख्यमंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल व उत्तराखंड पुलिस की भव्य परेड की सलामी ली। उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि यहां की भावनाओं को समझते हुए ही उन्होंने उत्तराखंड के रूप में अलग राज्य का गठन किया। 


सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए रावत ने कहा कि स्वरोजगार को अभियान के तौर पर लिया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में ऋण और अनुदान की व्यवस्था है। जिलों में स्वरोजगार पर जिला योजना का 40 प्रतिशत खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एक रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। कैम्पा में 10 हजार युवाओं को रोजगार देने की तैयारी है। अटल आयुष्मान योजना में पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है।


पहाड़ की महिलाओं के जीवट को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संकल्प लेते हैं कि माता-बहनों के सिर से घास का बोझ हटा देंगे। स्किल डेवलेपमेंट के जरिये उन्हें आर्थिक तौर पर सशक्त बनाया जाएगा। उत्तराखंड के 21वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपये की सौगात दी। उन्होंने कहा कि 'अगले 10 साल में इस धन से गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यहां के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी।' मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस देने का एलान भी किया।