सेना के वीर सपूत स्वर्गीय श्री राकेश डोभाल की 10 वर्षीय पुत्री के मासूम सवालों से वहां मौजूद सेना के अधिकारियों की आंखे भर आई । राकेश डोभाल की 10 वर्षीय पुत्री का नाम मौली है । 10 वर्ष की आयु में पिता का हाथ सर उठ जाने के मतलब क्या होता है, यह शायद ही मौली अभी समझती होगी । लेकिन, उसके पिता के पार्थिव शरीर के पहुंचते ही उसने जो सवाल किया उसने सभी की आंखों में आँसू ला दिए ।


सोमवार की सुबह शहीद राकेश डोभाल का पार्थिव शरीर उनके गणेश बिहार गंगा नगर स्थित आवास पर पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन था। जब शहीद की मां विमला देवी और पत्नी संतोषी बिलख कर रो रही थी तब 10 वर्षीय मौली ने उन्हें हिम्मत दी। मौली ने कहा कि उसके पिता देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए हैं। मौली ने पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे बीएसएफ के अधिकारियों से हिम्मत के साथ पूछा कि मैं जानती हूं कि मेरे पापा शहीद हो गए हैं, क्या मैं उन्हें पापा कह सकती हूं ?.. यह सुनकर सभी की आंखें भर आई।


उसके मासूम सवाल से स्तब्ध सेना अधिकारी ने मौली को फट से गले से लगा लिया । थोड़ी ही देर में मौली ने कहा कि वह अपने पिता के देश भक्ति के सपने को पूरा करेगी और बड़े होकर सेनाके भर्ती होगी ।


मौली लगातार भारत माता की जय..., वंदे मातरम्... का उद्घोष करते सभी को झकझोरती रही। इतना ही नहीं जब शहीद राकेश डोभाल की अंतिम यात्रा उनके घर से निकली तो मौली अंतिम यात्रा में सबसे आगे चलने लगी।


अमर जवान के लिए भावपूर्ण श्रद्धांजलि, ईश्वर उनको अपने श्री चरणों में स्थान दे।