रोडवेज को लंबे समय से ड्राइवरों की तलाश है। करीब छह महीने पहले भी आउटसोर्सिंग एजेंसी ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन आवेदन न आने की वजह से भर्ती नहीं हो पाई थी। अब नए सिरे से नई एजेंसी से करार करने के बाद भर्तियां की जाएंगी।


रोडवेज में करीब 400 ड्राइवरों की कमी है। इसका असर बस संचालन पर पड़ रहा है। रोडवेज की ज्यादातर बसें कई कार्यशालाओं में खड़ी हैं। जबकि कुछ रूटों पर एक ही ड्राइवर से लगातार बस का संचालन कराया जा रहा है। नियमानुसार एक चक्कर के बाद ड्राइवर को ड्यूटी से आराम देना अनिवार्य है।


रोडवेज में पहले भी एक आउटसोर्सिंग एजेंसी से ड्राइवरों की भर्ती की गई थी। इस एजेंसी ने रोडवेज से पूरा पैसा लिया, लेकिन जेब अपनी भरती रही। जिन ड्राइवरों की भर्ती की गई, उनको बहुत कम मानदेय दिया और पीएफ भी जमा नहीं कराया। तब रोडवेज की सभी कर्मचारी यूनियनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद रोडवेज ने इस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए अनुबंध ही खत्म कर लिया।


अब रोडवेज की 350 नई बसें भी आ गई हैं। ऐसे में ड्राइवरों का संकट और बढ़ गया है। इसे देखते हुए रोडवेज ने आउटसोर्स से ड्राइवरों की भर्ती किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है। महाप्रबंधक (संचालन) रोडवेज दीपक जैन ने बताया कि तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही निविदा निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत तक ड्राइवरों की कमी को दूर कर लिया जाएगा।