सात माह के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश के सभी महाविद्यालय खोलने की कवायत तेज कर दी गई है। राज्य के 101 शासकीय कालेजों समेत अशासकीय और निजी उच्च शिक्षण सस्थानों को दीवाली त्योहार के बाद खोलने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। जानकारी के अनुसार पहले केवल उन्हीं कक्षाओं की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी जिनमें प्रयोगात्मक कार्य होते हैं।


पूरे राष्ट्र में कोरोना के चलते विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को 16 मार्च से बंद कर दिया गया था। यूजीसी ने 29 अप्रैल को परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार प्रवेश प्रक्रिया कालेजों में आनलाइन चल रही है। जबकि, कालेज खुलने अभी बाकी है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव अब तक कराए जाएंगे, होंगे या नहीं इसपर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। सत्र 2019-20 की छात्रसंघ कार्यकारिणियों का कार्यकाल भी एक साल से अधिक हो चुका है। उम्मीद है कालेज खुलने के बाद इस संबंध में कोई निर्णय शासन स्तर से लिया जा सकेगा।


उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. धन सिंह रावत का कहना है कि गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जिसे कालेजों को जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि दीवाली के बाद कालेजों में पठन-पाठन शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। पहले केवल बीएससी-एमएससी की कक्षाओं की पढ़ाई शुरू करवाई जाएगी।