उपनल कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त विभाग के उपनल कर्मचारी आंदोलन शुरू कर देंगे । उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन निर्धारण की मांग की है।

बुधवार को उपनल कर्मचारी महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। महासंघ के प्रदेश महासचिव हेमंत सिंह रावत ने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश में उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने और न्यूनतम वेतन निर्धारित करने को कहा गया था। लेकिन, इस आदेश के बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में उपनल कर्मियों के पास आंदोलन के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है।


आंदोलन में जिला पंचायतों, विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालय आदि के संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। महासंघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष कुशाग्र जोशी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच समस्त उपनल कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा के साथ दीं, लेकिन शासन की ओर से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।