कांग्रेस पार्टी की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि कुछ लोग अपनी ही धुन पर नाच रहे हैं तो कुछ पार्टी अध्यक्ष की धुन पर । बिहार चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के दिग्गज नेता गुलामनबी आजाद के पार्टी नेतृत्व को लेकर कही गई बात से पार्टी एक बार फिर से दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है ।


इधर उत्तराखंड में भी कांग्रेस की स्थिति बहुत मजबूत नजर नही आ रही है। पार्टी अध्यक्ष प्रीतम और पूर्व सीएम हरीश रावत के समीकरण एक दूसरे के विपरीत ही नजर आते हैं। ऐसे में हरीश रावत की हर एक बात को उन्ही के पार्टी के नेता गम्भीरता से नही लेते हैं।


हरीश रावत कांग्रेस पार्टी के वफादार नेताओं में से एक हैं, यह बात जगजाहिर है। हाल ही में उनकी उम्र को लेकर जो प्रतिक्रियाएँ आई और उनको राजनीति से सन्यास लेने की बात कही गई उस पर उन्होंने जो जवाब दिया उसको उनके प्रतिद्वंद्वी भी गम्भीरता से नही ले रहे हैं।


दरअसल हरीश रावत को सन्यास की सलाह उन्ही के पार्टी से अलग हुए दिग्गज नेता सुबोध उनियाल और हरक सिंह रावत दे रहें है । जिनका जवाब देते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने ऐसी बात कह दी जो किसी के गले नही उतर रही है । रावत ने कहा कि 2024 में जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे उसके बाद हरीश रावत राजनीति से सन्यास लेंगे । अब इसको कोई मजाक समझे या सच ये तो वर्ष 2024 में ही साफ होगा, लेकिन हरीश रावत के ऊलजलूल बयानबाजी से पार्टी में सब कुछ ठीक नही चल रहा है ।