पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे की गयी फायरिंग में पाक को मुंहतोड़ जवाब देते हुए 26 नवम्बर को शहीद हुए राज्य के गढ़वाल राइफल्स के सूबेदार स्वतंत्र सिंह का पार्थिव शरीर 28 नवम्बर को उनके आवास उडियारी, कांडाखाल पहुंचा तो बेटे का पार्थिव शरीर देख उसकी 83 वर्षीय वृद्ध मां बेसुध हो गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। जांबाज बेटे की अंतिम यात्रा में आंखों में आंसू लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। वीर सपूत स्वतंत्र सिंह का पैतृक श्मशान घाट भैसखेतु में अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे अंकित ने उन्हें मुखग्नि दी।


26 नवम्बर को पाकिस्तानी सेना ने अपनी नापाक हरकतें दिखाते हुए जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में नियंत्रण रेखासे सटे दिगवार और केरन सेक्टर में अकारण गोलाबारी की थी। इस दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स के सूबेदार स्वतंत्र सिंह निवासी पौड़ी गढ़वाल और एक स्थानीय नागरिक घायल हो गए। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान सूबेदार शहीद हो गए। स्वतंत्र सिंह के बलिदान की खबर सेना ने उनके परिवार को दी, जिसके बाद घर में कोलाहल मच गया।

27 नवम्बर की शाम को उनका पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के मुख्यालय लैंसडौन में लाया गया, जिसके बाद 28 नवम्बर को उनके घर पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत भी रहे। इससे पहले बलिदानी के पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही ग्रामीणों के अंदर पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने पाकिस्तान मुर्दाबाद और सूबेदार स्वतंत्र सिंह तेरा ये बलिदान याद रखेगा हिन्दुस्तान के नारे लगाए।