परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत नए वाहनों के पंजीकरण में तो मोबाइल नंबर अनिवार्य है लेकिन पुराने वाहनों के पंजीकरण ऐसे हैं, जिनमें मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है या मोबाइल नंबर बदल चुका है। अपने वाहन की आरसी को मोबाइल नंबर से लिंक करा लें। अन्यथा भविष्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


आयुक्त कार्यालय ने अपील की है कि वाहन पोर्टल के माध्यम से अपनी आरसी को मोबाइल नंबर से लिंक कर लें। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि वाहनों से जुड़ी हर जानकारी वाहन स्वामी के मोबाइल पर उपलब्ध हो सके। इसमें वाहन का चालान भी शामिल है। उप परिवहन आयुक्त एसके सिंह के मुताबिक, मोबाइल नंबर अपडेट करने से संबंधित निर्देश जारी किए जा चुके हैं। वाहन स्वामियों को समय रहते अपने मोबाइल नंबर अपडेट करने होंगे।


केंद्र सरकार के स्तर पर इस दिशा में कवायद चल रही है कि भविष्य में एक वाहन का चालान केवल 90 दिन तक ही आरटीओ के पास कार्रवाई के लिए रहेगा। इसके बाद वह कोर्ट में चला जाएगा। अभी तक छह से आठ महीने तक के चालान आरटीओ में लंबित रहते हैं। तमाम वाहन स्वामी तो चालान कटने के बाद देखने के लिए भी नहीं आते हैं। अगर यह नियम लागू हो गया तो तीन माह के भीतर चालान पर कार्रवाई करनी होगी। लिहाजा, यह तभी संभव होगा, जबकि चालान कटने के साथ ही वाहन स्वामी को इसकी जानकारी मोबाइल पर तुरंत मिल जाए।