मुख्यमंत्री रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्मित स्व. गजेंद्र दत्त नैथानी, जलाशय सूर्याधार का लोकार्पण किया। उन्होंने यहां लगाई गई स्व. नैथानी की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने छह करोड़ 79 लाख की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 400 करोड़ की लागत से साइंस कॉलेज का निर्माण किया जाएगा।


संघ व भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय गजेंद्र दत्त नैथानी के नाम से इस झील को जाना जाएगा। उनका पार्टी व क्षेत्र के लिए बड़ा योगदान रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल व सिचाई की समस्या रही है। इस झील से मैदानी और पर्वतीय क्षेत्र की 30 हजार की आबादी व 18 गांवों के अलावा आसपास क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल व सिचाई का पानी मिलेगा।


झील से देहरादून जिला एक नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर भी उभरेगा। यहां आने वाले पर्यटक नौकायन के साथ प्रकृति का दीदार कर सकेंगे। इस बहुउद्देशीय योजना के माध्यम से प्रति वर्ष सात करोड़ रुपये की बिजली की बचत भी होगी। उन्होंने कहा कि झील बनने से पक्षी विहार भी होगा। देश- विदेश के पक्षी इस झील में आएंगे। इससे पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। पानी के स्त्रोत भी रिचार्ज होंगे। झील के पास हर साल बसंत पंचमी, मकर संक्रांति में समारोह भी आयोजित की जाएंगे।

सीएम रावत ने कहा कि गैरसैंण, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, श्रीनगर में भी झील बनाई जाएगी। सौंग व जमरानी बांध प्रोजेक्ट को भी शीघ्र चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक रुपये में पानी का कनेक्शन देकर प्रधानमंत्री की हर घर को पानी देने की मुहिम को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। पहाड़ की महिलाओं को सिर की गठरी वाले घास से मुक्ति दिलाना भी बड़ा टारगेट है। प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट बनाया जाएगा।