हल्द्वानी, रामपुर रोड पर बैंड-बाजे की धुन में बरातियों का जश्न चल रहा था। अचानक पलक झपकते ही जश्न को एक पिकअप मातम में बदल गई। नाच-गाने और जश्न की जगह चीख पुकार मची तो घायल सड़क पर पड़े थे।


प्रापर्टी कारोबारी अमित के विवाह को लेकर नाते-रिश्तेदार से लेकर करीबी काफी उत्साहित थे। कोरोना संक्रमएा से बचाव की गाइडलाइन को देख उप्रेती परिवार ने सीमित लोंगो को बुलाया था। बारात करीब साढ़े सात बजे घर से बैंक्वेट हाल के लिए रवाना हुई।


शादी का जश्न शुरू ही हुआ था कि देवलचौड़ की ओर से बेकाबू गति से आई एक पिकअप एक-एक कर कई लोंगो को कुचलती चली गई। जब तक लोग कुछ सोचते, सात लोग जमीन पर पड़े कराह रहे थे। खुशियों की जगह लोग रोने-बिलखने लगे। घायलों के साथ ही बारातियों की भीड़ तीमारदारी के लिए अस्पताल पहुंच गई। इससे अस्पताल में भी अफरातफरी मच गई।


हादसे के बाद अधिकाश बराती घायलों का उपचार कराने के लिए अस्पताल की ओर दौड़ गए। चुनिंदा लोंगो के साथ बरात सादगी से बैंक्वेट हाल पहुंची। इसके बाद शादी की रस्में पूरी की गई। अस्पताल के चिकित्सकों ने घायल आर्यन को कुछ देर बाद मृत घोषित कर दिया था। वहीं इस मनहूस खबर को आर्यन के परिवार वालों को बताने का साहस घटों तक कोई नहीं जुटा पाया।


हादसे के तुरंत बाद ही लोंगो ने पुलिस को पिकअप के दुर्घटना कर भागने की जानकारी दे दी थी। पुलिस का दावा है कि सूचना के तुरंत बाद ही बेलबाबा समेत सभी बैरियर पर नाकाबंदी शुरू कर दी गई। वहीं, गन्ना सेंटर में चौकी खुलने के बाद पुलिस के काफी विलंब से पहुंचने और देर रात तक पिकअप को ढूंढकर चालक को गिरफ्तार नहीं करने पर भी खाकी पर सवाल उठ रहे हैं।