उत्तराखंड रोडवेज चालकों में लंबी दूरी के मार्गों पर ड्यूटी लगाने को लेकर रोडवेज की दो कर्मचारी यूनियनों में वर्चस्व को लेकर जंग रहती है। दरअसल, डिपो का समयपाल जिस यूनियन का होता है, वह उसी यूनियन के चालक-परिचालक की ज्यादातर ड्यूटी लगाता है, जो ऑडियो वायरल हुआ है, उसमें भी दोनों यूनियन के नाम का जिक्र है। ताजा मामला दून ग्रामीण डिपो का है, जिसके एक समयपाल पर 400 रुपये में लखनऊ और कानपुर और 200 रुपये में दिल्ली की ड्यूटी लगाने का आरोप लगा है। ऑडियो में यह जिक्र भी है कि सुबह 11 बजे तक 400 रुपये लेकर बस अड्डे जा आ जाना, कानपुर के लिए ड्यूटी लग जाएगी। अगर ड्यूटी नहीं लगी तो बस जाने नहीं दी जाएगी।


दरअसल, विशेष श्रेणी चालक और परिचालक को प्रति किमी के हिसाब से भुगतान होता है। नियमित चालक-परिचालक के लिए रोज केवल 280 किमी बस संचालन का नियम है, जबकि विशेष श्रेणी व संविदा के चालक और परिचालकों के लिए यह बाध्यता नहीं है। ऐसे में नियमित चालक और परिचालक लंबी दूरी पर जाने से बचते हैं जबकि लंबी दूरी पर जाने के लिए विशेष श्रेणी व संविदा चालक-परिचालक में होड़ लगी रहती है। इसी का फायदा डिपो के समयपाल उठाते हैं और कुछ रकम लेकर जिसकी चाहे, उसे लंबी दूरी की ड्यूटी थमा देते हैं।


यह कोई नया मामला नही है इससे पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं लेकिन प्रमाण न मिलने से किसी के खिलाफ कोई कारवाई नही की गई । इस ताजे मामले में ऑडियो वायरल होने से सारा मामला खुल गया है कि किस प्रकार समयपाल पैसे लेकर चालकों को लंबी दूरी पर भेजते हैं । इस मामले के सामने आने के बाद उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आरोपी समयपाल को निलंबित कर उसके विरुद्ध जांच की मांग की है।