उत्तराखंड में नकली दवाओं का करोबार तेजी से फैल रहा है । मरीज दवा लेने के बाद सोचता है कि अब शायद उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी लेकिन होगी कैसे ? मरीज को यही नही पता की उसने जो दवा खरीदी है वह दवा नही बल्कि कुछ और ही है । खैर देश में स्वदेशी के नाम पर भी नामीगिरामी कम्पनियों के मानक भी सही नही है। हाल ही में शहद की जांच में पतंजलि, डाबर और बैद्यनाथ जैसी कम्पनियों का सच भी लोगों के सामने आया है ।

अब उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में शहर से लेकर देहात तक नकली दवाओं का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री के साथ ही दो सप्लायरों के कार्यालय और गोदाम पर छापेमारी करके करीब ढ़ाई करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाइयां बरामद की हैं।

औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने सुबह दिनेश पांडे और गिरीश स्नेही के दवाओं की सप्लाई के लिए सोलानीपुरम में खोले कए कार्यालय में एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर भेजा। उसने सप्लायरों से एंटीबायोटिक दवाओं के बारे में जानकारी हासिल की और कुछ दवाओं का आर्डर दिया। इस बीच, ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह के साथ एक टीम भी यहां ग्राहक बनकर पहुंच गई।

सप्लायरों को उन्होंने बताया कि उन्हें काफी मात्र में एंटीबायोटिक अन्य दवाओं की जरूरत है। कार्यालय में करीब डेढ़ लाख रुपये की ही दवा होना बताकर सप्लायरों ने उन्हें मुरादाबाद निवासी विपुल गोयल के यहां आदर्श नगर स्थित गोदाम में चलने को कहा। इस पर सभी लोग गोदाम पहुंचे। तब तक सप्लायर और गोदाम स्वामी इस बात से अनजान थे कि ग्राहक बनकर आए लोग छापामार दल के सदस्य हैं। गोदाम में वहां नकली दवाओं का जखीरा देखकर औषधि विभाग के टीम हैरत में पड़ गई।

गोदाम में मिली दवाओं पर एच फिन नाम का लोगो लगा था। टीम ने यहां से करीब डेढ़ करोड़ की नकली दवाएं और पैकिंग का सामान जब्त कर लिया। न्यू आदर्श नगर स्थित घर पर भी छापेमारी की गई, यहां से भी कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए। गोदाम स्वामी ने टीम को बताया कि वह गौरव त्यागी नामक व्यक्ति की भगवानपुर स्थित कैन केयर मैन्यूफैक्चरिंग फार्मास्यूटिकल से ये दवाएं मंगवाते हैं। इस पर छापामार दल ने भगवानपुर का रुख किया। यहां फैक्ट्री में नकली दवाएं तैयार होती मिली। मौके पर करीब एक करोड़ की नकली दवाएं मिलीं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि रुड़की के गोदाम से बरामद दवाओं के रैपर का फैक्ट्री में बन रही दवाओं से मिलान नहीं हो पाया।

यहां लूज टेबलेट मिली, लेकिन दवा का रंग, आकृति एवं आकार उस जैसा ही था। गोदाम व फैक्ट्री के साथ ही एक गाड़ी को सीज किया है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि छापे के दौरान जो नकली दवाएं बरामद हुई हैं, उन पर जिन सॉल्ट का नाम दर्ज है, उनका इस्तेमाल एंटीबायोटिक दवाओं में किया जाता है। फैक्ट्री मालिक, गोदाम स्वामी और दो दवा सप्लायरों के साथ ही गोदाम पर मिले दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।