राजाजी नेशनल पार्क में स्थित चौरासी कुटी  का नवीनीकरण, पर्यटन के लिहाज है बेहद खास ।


सुरम्य वादी में स्थित चौरासी कुटी वही स्थली है, जहां भावातीत ध्यान योग के प्रणेता महर्षि महेश योगी ने वर्ष 1970 में शंकराचार्य नगर स्थापित किया था। महर्षि महेश योगी की साधना स्थली रही चौरासी कुटी में उसके प्राकृतिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक पहलुओं का समावेश करते हुए 1.79 करोड़ रुपये की लागत से तमाम सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आजीविका विकास के नजरिये से भी वहां कई कदम उठाए जा रहे हैं। वन महकमे के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक ये सभी कार्य संपन्न करा लिए जाएंगे।

ऋषिकेश से महज सात किलोमीटर के फासले पर स्थित इस स्थली में तब योग साधना के लिए गुंबदनुमा 84 कुटियाएं स्थापित की गई। बाद में यह स्थली 84 कुटी के नाम से प्रसिद्ध हुई। वास्तुकला के बेजोड़ नमूने चौरासी कुटी में रहकर प्रसिद्ध रॉक बैंड बीटल्स के सदस्यों ने कई विश्व प्रसिद्ध गीतों की धुनें तैयार की थीं।

31 साल बाद दिसंबर 2015 में इस धरोहर के दरवाजे सैलानियों के लिए खोल दिए गए। तब से हर साल ही बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। पिछले साल ही यहां 40 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे। चौरासी कुटी के प्रति आकर्षण को देखते हुए सरकार ने भी वहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर फोकस किया है।

राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस स्थली के लिए ऐसी योजनाएं बनाने पर जोर दिया, जिसमें प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व आजीविका से संबंधित पहलुओं का समावेश हो। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के अनुसार चौरासी कुटी में विभिन्न कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 92.40 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी। इसमें से 79.59 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस बीच 87 लाख रुपये की राशि और जारी की गई। संपूर्ण राशि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक खर्च कर ली जाएगी।

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