जिले की नीती घाटी पर्यटन के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां भोटिया जनजाति के करीब 12 गांव हैं। मलारी-नीती सड़क अभी तक सिंगल लेन है, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पाती है। यह चीन सीमा के निकटतम गांव हैं जो सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खास हैं इसलिए अब सरकार सेना की मुश्किलें भी आसान करना चाहती है । वर्ष 2021 के मार्च में बर्फ पिघलने के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मलारी से नीती गांव तक सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर देगा, जिसके बाद यहां स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के वाहनों की आवाजाही सुगम हो जाएगी।


यहां सेना के बड़े वाहनों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण बनी रहती है। अब बीआरओ सड़क को डबल लेन करने जा रहा है। जोशीमठ से मलारी (60 किमी) तक बीआरओ डबल लेन का कार्य पूर्ण कर चुका है। इसका डामरीकरण भी हो गया है, जबकि मलारी से नीती गांव तक करीब 20 किमी सड़क बदहाल है। बीआरओ ने अब सड़क को भी डबल लेन में तब्दील करने की योजना बनाई है। हालांकि बीआरओ के अधिकारी सीमा क्षेत्र होने के कारण सड़क सुविधा पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आगामी वर्ष मार्च से नीती गांव तक जाने वाले मार्ग पर डबल लेन कार्य शुरू किया जा रहा है।

इस योजना के तहत मलारी-नीती सड़क पर सात जगहों पर मोटर पुल भी निर्मित किए जाएंगे, जिससे बरसात में सड़क बंद न हो और सेना के बड़े वाहनों की आवाजाही भी आसानी से हो सकेगी। सड़क अच्छी बनने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में पर्यटन के साथ साथ स्थानीय लोगों भी इस सड़क फायदा मिलेगा ।