शासन ने शुक्रवार को सभी कुलपतियों, जिलाधिकारियों और उच्च शिक्षा निदेशक को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि 15 से सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कालेजों को भौतिक रूप से खोलने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ प्रदान की जा रही है। इसके अलावा छात्रों को बुलाने के लिए अभिभावकों की सहमति भी लेनी होगी।



कोरोना काल को देखते हुए शासन कोई रिस्‍क नहीं लेना चाहता। वह छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य व कालेजों में भीड़ से बचाना चाहता है। इसलिए कई शर्तों के साथ कालेज खोलने की अनु‍मति दी है। अतैव शासन की ओर से जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि छात्रों की उपस्थिति को लेकर अभिभावकों की सहमति जरूरी। प्रथम सेमेस्टर (स्नातक-स्नातकोत्तर दोनों) के जिन विषयों में थ्योरी एवं प्रेक्टिकल की पढ़ाई होनी हैं उन्हीं में आफलाइन कक्षाएं शुरू होगी। अंतिम सेमेस्टर की कक्षाओं के जिन विषयों में प्रैक्टिकल अनिवार्य है, उनकी पढ़ाई भी शुरू होगी।


इसके अलावा कक्षाओं का संचालन पालियों में होगा या फिर सेक्शन बढ़ाने होंगे। केवल थ्योरी वाले विषयों की पढ़ाई आनलाइन मोड में ही होगी। दूसरे राज्यों के छात्रों को कोरोना का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा। कक्षा कक्षों में छात्रों के बीच की दूरी छह फीट होगी। एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवी अन्य छात्रों को जागरूक करेंगे। शिक्षक-कर्मचारी और छात्रों को मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।