उत्तराखंड सरकार का एक रुपये में पेयजल कनेक्शन देने का सरकारी दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। आवेदन फॉर्म का शुल्क जोड़कर यह कनेक्शन २६ रुपये का पड़ रहा है। जबकि, अन्य विभागों में किसी सेवा के लिए आवेदन करने पर फॉर्म नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। अब १ रुपये में जल जीवन मिशन के तहत मिलने वाले कनेक्शन की बात लोगों को हजम नही हो रही है ।


जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में एक रुपये में कनेक्शन देने की योजना प्रदेश सरकार ने कई माह पूर्व लागू कर दी, जिसके बाद शहरी क्षेत्रों में भी बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी में आने वाले परिवारों को सौ रुपये में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इस योजना का लाभ सौ वर्ग मीटर से कम भूमि वाले परिवारों को भी मिलना है। लेकिन, सरकार की ओर से जोर-शोर योजना का प्रचार भी किया गया। लेकिन, एक रुपये में गरीब को कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।


हालांकि, सामान्य कनेक्शन के मुकाबले निर्धन परिवारों को सरकार ने खासी राहत दी है। लेकिन, केवल आवेदन फॉर्म के नाम पर २५ रुपये वसूलना गले नहीं उतर रहा। इस बाबत जब जल संस्थान से २६ रुपये में कनेक्शन देने का कारण पूछा गया, तो पता चला कि शासन की ओर से जारी आदेश में ही २५ रुपये आवेदन फॉर्म और एक रुपये कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब अन्य विभागों में आवेदन फॉर्म उपभोक्ताओं को निश्शुल्क प्रदान किए जाते हैं, तो जल संस्थान में ही इसके पैसे क्यों वसूले जा रहे हैं। इस पर कुछ ग्रामीण विरोध भी कर रहे हैं।


सामाजिक कार्यकर्त्ता वीरू बिष्ट ने एक रुपये का कनेक्शन २६ रुपये में देने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को पत्र लिख आवेदन फॉर्म निश्शुल्क उपलब्ध कराने की मांग की है। जबकि, जल संस्थान की महाप्रबंधक निलिमा गर्ग ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश के अनुरूप ही शुल्क वसूला जा रहा है। इस पर शासन स्तर से ही निर्णय लिया जा सकता है।