केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में हिमालयन कस्तूरी मृग की मौजूदगी से नई उम्मीद जगी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अब यह क्षेत्र इस दुर्लभ जीव के लिए मुफीद है, जिससे आने वाले समय में इसकी वंशवृद्धि की उम्मीद की जा रही है। प्रभागीय स्तर पर अधिकारी दुर्लभ जीव के आवास व संरक्षण की योजना बनाने में जुटे हैं।


नौ वर्ष बाद 18 दिसंबर को चोपता के समीप कांचुला खर्क से लगे वन क्षेत्र में दिखे हिमालयन कस्तूरी मृग ने यहां स्वयं के आवास की नई उम्मीदों की आस जाग दी है। अब केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग दुर्लभ जीव के संरक्षण व प्रजनन के लिए योजना बनाने में भी जुट गया है। साथ ही भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। जल्द ही वन्य जीव विशेषज्ञ चोपता कांचुला खर्क का भ्रमण कर हिमालयन कस्तूरी मृग के आवास, भोजन, प्रजन व संरक्षण को लेकर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। डीएफओ अमित कंवर का कहना है कि हिमालयन कस्तूरी मृग अपने को यहां के मौसम में ढाल लिया है, जिससे उसके आवास व संरक्षण में मदद मिलेगी।