पालतू कुत्ते का पंजीकरण हुआ अनिवार्य, नही करवाने पर जुर्माना । ऐसे करवाये पंजीकरण....


देहरादून में रहकर अगर आपको अपने घर में कुत्ता रखने का शौक है तो ये खबर आपके काम की है । अगर आप देहरादून वासी है और आपके पास भी एक कुत्ता है तो आपने अपने पालतू कुत्ते का नगर निगम में पंजीकरण नहीं कराया है तो जल्द करा लें। जनवरी से नगर निगम ऐसे मकान मालिकों के विरुद्ध कारवाई करने जा रहा है जिन्होंने पालतू कुत्ते का निगम में पंजीकरण नहीं कराया है।

सुबह या शाम सैर के लिए आप कहीं भी निकल जाइए, पूरे शहर में आपको गले में चेन व पट्टा बांधे घूम रहे पालतू कुत्तों पर आपकी नजर पड़ जाएगी। ये गंदगी फैलाते हुए भी दिखेंगे, गुर्राते हुए भी व सड़क पर नित्यक्रिया करते हुए भी, लेकिन अभी तक नगर निगम इनके पंजीकरण को लेकर गंभीर नहीं था। भले इनकी संख्या हजारों में है पर निगम प्रशासन के अनुसार दो माह पूर्व तक शहर में महज 65 ही पालतू कुत्ते थे। इनके मालिक से 200 रुपये सालाना शुल्क लिया जाता है। अब निगम ने पंजीकरण न कराने वालों पर जुर्माना निर्धारित कर दिया है।


एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही औसतन 18 मामले रोजाना सामने आते हैं। हर तीन माह में एंटी रेबिज वैक्सीन की तीन हजार डोज मंगाई जाती है। अस्पताल में तो इस बीमारी के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं, पर बीमारी की ‘जड़’ आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने में नगर निगम अभी तक विफल रहा है। हालांकि, आवारा कुत्तों से निजात दिलाने को चार साल पहले नगर निगम ने एबीसी ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल’ केंद्र केदारपुरम में शुरू किया था। नगर निगम ये दावा कर रहा कि मौजूदा समय में तकरीबन 40 हजार कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है।



अब निगम ने पंजीकरण न कराने वालों पर जुर्माना निर्धारित कर दिया है। इस प्रविधान के तहत पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये, दूसरी बार 5000 रुपये, जबकि तीसरी बार मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।



पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:-


1:-पंजीकरण फार्म के साथ पशु चिकित्सक से रैबीज से बचाने को लगने वाले टीके के लगे होने का प्रमाण-पत्र लाना होगा।

2:-जीवाणुनाशक का प्रमाण पत्र भी साथ लाना होगा।

3:-पंजीकरण के बाद नगर निगम संबंधित व्यक्ति को उसके नाम और पते वाला एक टोकन देगा।

4:-पंजीकरण के लिए 200 रुपये शुल्क जमा होगा।

5:-पालतू कुत्ते के किसी को काटने पर नुकसान की प्रतिपूर्ति उसके मालिक को करनी पड़ेगी।


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