शांत समझे जाने वाले गांवों में अब बड़ी घटनाएं सामने आने लगी हैं। नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक के सुदूर दाडिमा गांव में चौदह वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर उसे जंगल में फेंक दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर हालत में उसे आपातकालीन 108 सेवा से बेतालघाट स्थित सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से गांव में हड़कंप मचा हुआ है।


आरोप है कि बुधवार देर शाम समीप के ही तल्ला गांव के तीन युवक उनके घर पर आ धमके। बालिका को घर से उठा ले गए। उसके घर पर ना होने से परिजनों को अप्रिय घटना की आशंका हुई। उन्होंने सूचना गांव में दी। परिचितों व ग्रामीणों की मदद से बालिकी की रात भर खोजबीन की गई पर उसका कुछ पता नहीं चल सका।


गुरुवार सुबह समीपवर्ती ओडाबास्कोट गांव से बेतालघाट को जा रहे कुछ लोगों ने एक बालिका को सड़क किनारे जंगल की ओर पड़ा देखा। जिसकी सूचना दाडिमा गांव में दी गई। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर बालिका की पहचान की। आपातकालीन 108 सेवा को सूचना दी गई। वहीं थाना पुलिस बेतालघाट व राजस्व पुलिस को भी सूचना भिजवाई गई। बदहवास हालत में बालिका को आपातकालीन 108 सेवा से सीएचसी बेतालघाट ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।


नाबालिग बालिका के पिता के अनुसार बदहवास हालत में बेटी को सड़क किनारे फेंक दिया गया जब बेटी कुछ होश में आई तो उसने बताया कि तल्ला गांव के पंकज व कमलेश तथा एक और अन्य युवक उसे रात घर से उठा ले गए। कुछ भी बताने पर उसे व उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी गई है। पिता के अनुसार बालिका अभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। वह काफी डरी हुई है। घटना को अंजाम देने वाले युवक प्रवासी हैं। लॉकडाउन के दौरान बाहरी क्षेत्रों से घर पहुंचे हैं। परिजनों के अनुसार बालिका के साथ सामूहिक दुराचार की भी आशंका है। बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है। गांव में हुई घटना से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं।