देवप्रयाग के बिल्लेश्वरी बॉटलिंग प्लांट से हल्द्वानी के लिए 450 पेटी शराब लेकर चले गायब हुई शराब की गुत्थी अब कुछ कुछ सुलझने लगी है । आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त बीएस चौहान के मुताबिक ट्रक से शराब सोची-समझी साजिश के तहत गायब की गई है।

दरअसल ट्रक में दो जीपीएस लगे थे। एक जीपीएस बॉटलिंग प्लांट का था, जबकि दूसरा ट्रक संचालक ने लगा रखा था। बॉटलिंग प्लांट के जीपीएस ने गैरसैंण में काम करना बंद कर दिया। ऐसे में ट्रक संचालक ने जो जीपीएस लगाया था, उससे पता चला कि ट्रक द्वाराहाट में है। गनीमत रही कि शराब गायब करने वाले व्यक्ति को ट्रक में दो जीपीएस लगे होने की जानकारी नहीं थी।


गायब किए गए शराब के स्टॉक की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। संयुक्त आयुक्त बीएस चौहान के अनुसार ट्रक में सेलिब्रेशन रम के हाफ और क्वार्टर लदे थे। इनकी आपूर्ति कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में की जानी थी। जिस शराब को गायब किया गया है, उसके बैच नंबर 48 और 49 हैं। हाफ की 100 पेटियों का बैच नंबर 48 है, जबकि क्वार्टर की 350 पेटियों का बैच नंबर 48 व 49। इस आधार पर अल्मोड़ा में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई है। पता लगाया जा रहा है कि गायब की गई शराब कहीं स्थानीय ठेकों में तो नहीं बेची जा रही।


अब तक की छानबीन में यह बात सामने आ रही है कि शराब को गायब कराने में बॉटलिंग प्लांट के किसी कार्मिक का हाथ हो सकता है, क्योंकि संबंधित व्यक्ति को यह तो पता था कि प्लांट का जीपीएस कहां लगा है, मगर उसे ट्रक संचालक के जीपीएस की जानकारी नहीं थी।