उत्तराखंड में पुलिस भर्ती परीक्षा चयन सेवा आयोग से करवाये जाने का विरोध कर रहे देवभूमि बेरोजगार मंच ने एलान किया है कि अब राज्य का बेरोजगार युवा चुप नही बैठेगा । यह उसके साथ राज्य सरकार द्वारा किया गया छल है जिसका विरोध वह घर से नही बल्कि पुलिस मुख्यालय का घेराव करके करेगा ।


देवभूमि बेरोजगार मंच के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस भर्ती को छह साल से बार बार टाला जा रहा है, कभी इसमे प्रमोशन तो कभी नई नियमवाली का बहाना बनाया जा रहा है, ऐसे में हजारों युवाओं की अब उम्र सीमा पार कर चुकी है। इसके साथ ही उत्तराखंड पुलिस भर्ती को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के हवाले कर सरकार बेरोजगारों को अंधकार में डाल देना चाहती है।


वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर फॉरेस्ट गार्ड भर्ती को लेकर भी बेरोजगार मंच की नाराजगी साफ नजर आई । बेरोजगार मंच के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि फॉरेस्ट गार्ड भर्ती का भी रिजल्ट जारी नहीं हुआ है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत हमेशा खुश होते हैं कि उन्होंने उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी भर्ती निकाली है, लेकिन अब वे कुछ बोलते क्यों नही है। वन आरक्षी के परिणाम में इतनी देरी क्यों हो रही है। उनका कहना है कि अगर एक जनवरी से पहले वन आरक्षी का रिजल्ट घोषित नही होता तो बेरोजगार दो जनवरी को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ देहरादून में प्रदर्शन करेंगे।


बेरोजगारों ने मांग की है कि पुलिस सिपाई भर्ती में उम्र सीमा सभी उम्मीदवारों के लिए कम से कम तीन साल बढ़ाया जाए और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय ही ये भर्ती कराए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये फैसला जल्द नही होता है तो बेरोजगार नए साल से एक दिन पहले पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।