उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संगठन ने उपनल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग के साथ ही समान कार्य के बदले समान वेतन देने को लेकर आवाज बुंलद कर दी है।


संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन चंद्र भट्ट ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में 18000 से ज्यादा उपनल संविदा कर्मी अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश कर्मचारी डेढ़ साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। अच्छे काम और अनुभव के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। प्रदेश संयुक्त मंत्री विनोद बिष्ट ने कहा कि कई कर्मचारी तो इसी उपनल से इतनी कम सैलरी में रिटायर भी होने वाले हैं। इतनी कम सैलरी मिलने के बाद भी सरकार उपनल कर्मियों के भविष्य के लिए कुछ भी नहीं सोच रही है।


प्रदेश संगठन मंत्री मोहन रावत ने कहा कि इतने बड़े देश में आपदा आने के बाद भी कोविड जैसी महामारी में और स्वास्थ्य विभाग तथा हर जगह उपनल कर्मी तन मन से बिना किसी हिचक के व बिना अपने जान की परवाह किये बगैर कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों के भविष्य की किसी को भी चिंता नहीं है। संगठन के पदाधकारियों ने सरकार को चेतावनी दी है जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।