उत्तराखंड में जहां कोरोना काल में रविवार को बाजार को बन्द रखने के निर्देश जारी किए गये हैं। वहीं अब नये साल के आगमन पर सरकार ने होटल कारोबारियों को तौफा दे दिया है । उत्तराखंड में नए साल के आगमन को लेकर होटल और रिजोर्ट सैलानियों के लिए सजने लगे हैं। कोरोना काल में यह व्यवसाय जहां लगभग चौपट रहा। अब रौनक बढ़ने की उम्मीदें बनीं हैं। पर्यटक नगरी मसूरी में 70 फीसदी तक होटलों में बुकिंग है। थर्टी फर्स्ट को रात 8 से सुबह 10 बजे तक कर्फ्यू लगाए जाने की संभावनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। कर्फ्यू को लेकर शासन की ओर से अभी तक कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी फिलहाल ऐसी संभावनाओं से इनकार कर रहे हैं। ऐेसे में थर्टी फर्स्ट पर कफ्र्यू नहीं लगेगा। इससे पर्यटन कारोबारियों को खासी राहत है।


गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी और खिर्सू में अभी सन्नाटा सा नजर आ रहा है। जीएमवीएन के ज्यादात्तर गेस्ट हाउस कोविड सेंटर होने से वहां बुकिंग नहीं की जा रही है । पौड़ी मुख्यालय में ही छोटे बड़े करीब तीन दर्जन होटल हैं, लेकिन अभी तक न्यू ईयर बुकिंग के नाम पर होटल व्यवसाय के हाथ निराशा ही लगी है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बुद्धि बलभ पंत का कहना है कि अभी तक कोई बुकिंग नहीं है। यही हाल खिर्सू के टीआरएच के भी है। खिर्सू में दो जनवरी से तीन दिन की बुकिंग हैं। न्यू ईयर को लेकर नई टिहरी में होटलों की बुकिंग तो सामान्य है, लेकिन धनोल्टी व काणाताल क्षेत्र के होटलों व रिजार्ट में अब तक लगभग 80 प्रतिशत तक बुकिंग आ चुकी है। धनोल्टी व काणाताल क्षेत्र में बीते 20 दिसंबर से ही बुकिंग आनी शुरू हो गई थी। टिहरी की कोटी झील में बोट यूनियन से जुड़े युवाओं ने न्यू ईअर जश्न मनाने के लिए कलाकारों को बुलाकर कार्यक्रम करने की व्यवस्था की है।


चमोली के बुग्यालों और पर्यटक स्थलों में खूब चहल- पहल अभी से शुरू हो गई है । कोरोना काल में सूने पड़े चोपता से लेकर औली तक होटलों व रिजार्टों में नए साल को फुल बुकिंग हो चुकी है। कुछ पर्यटक जोशीमठ में रुके हैं। एक रिजोर्ट संचालक नागेंद्र सकलानी ने बताया औली जीएमवीएन से लेकर सभी निजी रिजार्ट और टैंट कालोनी भी फुल हैं।