इस समय सम्पूर्ण उत्तर भारत में ठंड की दस्तक है । उत्तराखंड में भी मैदानी जिलों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया । बीते शनिवार को राजधनी में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री दर्ज किया गया । यह हाल अभी है जबकि मसूरी में बर्फ नही पड़ी है । मौसम विभाग ने रविवार को मौसम में कुछ सुधार की उम्मीद जताई है। इससे दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी होने और लोगों को ठंड से मामूली राहत मिलने की संभावना है।


बीते एक सप्ताह में सुबह कोहरा छाना से मैदानी जिलों में धूप देर से निकल रही है । इसके कारण लोगों को सुबह के समय तेज ठंड से जूझना पड़ा। हालांकि दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है लेकिन शाम होते ही तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है । मौसम विभाग की माने तो उत्तराखंड के मसूरी और धनौल्टी में 22 दिसंबर के बाद बर्फ पड़ सकती है ।


शनिवार रात राजधानी में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने रविवार को भी मौसम इसी तरह का बना रहने की संभावना जताई है। हालांकि रात के तापमान में करीब डेढ़ डिग्री तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री रहा। उन्होंने बताया कि रविवार को भी जिले में इसी तरह ठंड पड़ेगी। सोमवार को धूप खिलने की संभावना है।



काशीपुर रामपुर में ठंड से हुई पहली मौत ।

रामपुर निवासी मनोज रस्तोगी (50) पिछले 3-4 साल से काशीपुर रेलवे स्टेशन पर एक कैंटीन के पास काम करता था। कोरोना संक्रमण के दौरान हुए लॉकडाउन के चलते रेलवे की कैंटीन बंद हो गई। इसके बाद मनोज बाजपुर रोड पर रेलवे ट्रैक के पास साधुओं के तंबू में आकर रहने लगा। वह भिक्षा मांगकर अपना भरण पोषण कर रहा था। शुक्रवार को मनोज ठीकठाक था। तंबू में रहने वाले वंशीवाला ने बताया कि शनिवार सुबह मनोज का कंबल अलग पड़ा था। उसने दूसरे साधु महाकाल को जगाकर इस बारे में जानकारी दी। इन दोनों ने मनोज को हिलाकर देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। उन्होंने मामले की सूचना जीआरपी और टांडा चौकी पुलिस को दी। जांच के बाद यह माना जा रहा है कि उसकी मौत अधिक ठंड के कारण हुई ।