उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हस्त कला का बहुत बड़ा भंडार है। लेकिन इस कला को कभी प्रोत्साहन नही मिलने की वजह से यह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई। लेकिन लॉकडाउन के बाद से जब सरकार और संस्थाओं का इस ओर ध्यान गया तो उत्तराखंड के उत्पादों की ऑनलाइन माँग इतनी बढ़ गई है की युवा भी इस ओर प्रोत्साहित हो रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना के तहत शहरी विकास निदेशालय ने ग्रामीणों के लिए रोजगार का नया मंच उपलब्ध कराया है। उत्तराखंड में क्षेत्र विशेष की पहचान वाले और घरों में बने हुए उत्पाद ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर हाथोंहाथ बिक रहे हैं।

हाल ही में पहाड़ समीक्षा समाचार ने अपने लेख में चोमोली से ऑनलाइन बिक रहे बद्री गाय घी का प्रकाशन कर पाठकों को बताया था कि कैसे बद्री गाय का शुद्ध घी लोगों तक अमेजन के माध्यम से ऑनलाइन बिक रहा है। इसी कड़ी में आज हम कुछ अन्य उत्पादों के बारे में आपके साथ जानकारी साँझा करेंगे। चमोली के आसन और चंबा के अंगूरी स्वेटर समेत उत्तराखंड के 50 उत्पादों की आन लाइन बिक्री धूम मचा रही है। जल्द ही अमेजन के साथ भी समझौता होने जा रहा है। सरकार की इस योजना के तहत शहरी विकास निदेशालय अब तक प्रदेश में 350 स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित कर चुका है।

राज्य में हस्त कला की आपार सम्भवनाएँ हैं, बस जरूरत है तो उनको रास्ता दिखाने की। लकड़ी के क्षेत्र में ही अकेले गढ़वाल मण्डल में एक से बढ़कर एक कलाकर बैठे हैं। रिंगाली नामक लकड़ी से तरह तरह की टोकरियां बुनने वाले भी आसानी से मिल जाते हैं। पहाड़ों पर क्या नही है, जरूरत है तो बस एक प्लेट फॉर्म की। अब सरकार के इस सहयोग से उम्मीद जग रही है तो युवा पीढ़ी अपने खानदानी कार्यों में दोबारा ध्यान केंद्रित करेगी जो कि रोजगार के चलते छोड़ने पड़े थे।

लोग अपने घरों में ही उत्पाद तैयार कर रहे हैं। चमोली का आसन हो या अल्मोड़ा का हैंडीक्राफ्ट, चंबा के अंगूरी स्वेटर हों या बागेश्वर के ऊनी वस्त्र, सभी को फ्लिपकार्ट पर ग्राहक हाथोंहाथ ले रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना के तहत प्रदेशभर में स्वयं सहायता समूह बनाने वाले लोगों को घर बैठे ही रोजगार मिल रहा है। पहले इन समूहों के लिए अपने उत्पाद को बाजार देने की सबसे बड़ी समस्या होती थी, लेकिन निदेशालय की ओर से जब से ई-कॉमर्स का मंच उपलब्ध कराया गया है, तब से यह अच्छा रोजगार बनकर उभर रहा है।