उत्तराखंड समाचार:ऑलवेदर रोड परियोजना में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग कई जगहों पर दुर्घटना का सबब बनी हुई है। ग्राम पंचायत खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, प्रदीप मलासी, उक्रांद नेता मोहित डिमरी का कहना है कि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा ऑलवेदर रोड परियोजना में मानकों की अनदेखी की कटिंग की जा रही है। पहाड़ समीक्षा इस सम्बन्ध में लगातार लिख रहा है लेकिन लोकल पब्लिशर की आज कोई अहमियत नही है क्योंकि जब तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बिके हुए पत्रकार कुछ नही दिखाते हैं तब इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। पहाड़ समीक्षा ने इस पूरे प्रोजेक्ट की कहानी एक नही अनेक बार पाठकों के साथ साँझा की है लेकिन इस राज्य का दुर्भग्य है कि न कोई हकीकत सुनने वाला बाकी है और न सुनाने वाला।

बदरीनाथ हाईवे पर रविवार की दोपहर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक यह हादसा बदरीनाथ हाईवे पर देवप्रयाग से 17 किमी. दूर सौड़पानी में हुआ है। जहां एक कार गहरी खाई में गिर गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची व राहत बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन हादसे में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

कई जगहों पर कटिंग के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। वहीं, कुछ जगहों पर पहाड़ियों को ऐसे काटा गया है, जिससे भूस्खलन हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से हाईवे की कटिंग से उपजे डेंजर जोन के सुधारीकरण की मांग की है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था को मानकों के तहत कटिंग के आदेश दिए गए हैं। जहां दिक्कत हो रही है ठीक की जाएगी। सवाल यह है कि अगर आज भी इस सड़क को टल्ले ही लगाने पड़ रहे हैं तो आलवेदर के नाम पर पर्यावरण को क्यो इतना नुकसान पहुंचाया गया। अब तक अलग अलग सड़क हादसों में दर्जनों लोगों की जाने गई उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसी सड़क को भाजपा चुनावी बाजार में इतनी बड़ी उपलब्धि की तरह पेस करती है लेकिन जब जिम्मेदारी लेने की बात आती है तो ठीकरा कार्यदायी संस्था के ऊपर भोड़ देती है।