हरिद्वार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। हंगामा भी ऐसा की पंचायत सदस्य एक दूसरे को मारने के लिए उतारू हो गए। मामला इतना बढ़ा कि जिला पंचायत सदस्य चौधरी विजेंद्र सिंह अपनी कुर्सी से खड़े होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। इस दौरान जमकर तीखी बहस, नोकझोंक व मारपीट की स्थिति बन गई। जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य सदस्यों ने बमुश्किल मामले को शांत किया। बैठक 17 मिनट में संपन्न हो गई। जिला पंचायत की यह आखिरी बैठक होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने सभी सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके सहयोग की सराहना की। वार्डो के प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल न करने पर पार्षदों ने बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा काटा। पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली और रवैये को भी लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया।

जिला पंचायत की बोर्ड बैठक से ठीक एक दिन पहले जिला पंचायत सदस्य व उपाध्यक्ष राव आफाक अली को निलंबित कर दिया गया। उन पर कार्यवाह अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं बरतने के आरोप लगे थे। जिनकी प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई। पिछले साल राव आफाक अली कुछ समय के लिए कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए थे। आरोप है कि कार्यवाह अध्यक्ष के पद रहते हुए राव आफाक अली ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं की। लक्सर क्षेत्र की खडंजा कुतुबपुर सीट से जिला पंचायत सदस्य चौधरी बिजेंद्र सिंह ने उनके कार्यकाल में हुए कार्यों की सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। सूचना के आधार पर उन्होंने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं पाए जाने पर शिकायत शासन से की थी। शिकायत में बताया गया था कि कार्यवाहक अध्यक्ष रहते हुए राव आफाक ने ट्रांसफर होकर आए एक कर्मचारी को प्रधान सहायक के पद पर बिना प्रस्ताव पारित किए ही ज्वाइनिंग करा दी थी, जबकि यह पद पदोन्न्ति से भरा जाना था।

दूसरे एक कर्मचारी को आवास ऋण उपलब्ध करा दिया है, जबकि कर्मचारी ने पहले से ही दूसरी जिला पंचायत में रहते हुए ऋण ले रखा है। इसके अलावा कई मामलों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की गई थी। शासन ने इसकी जांच जिलाधिकारी सी रवि शंकर को सौंपी थी। डीएम की ओर से शासनादेशों का उल्लंघन कर कार्य करने की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद पंचायती राज सचिव हरिचंद्र सेमवाल ने अंतिम जांच होने तक जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।