उत्तराखंड राज्य अपनी संस्कृतिक विरासत के लिए न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक जाना जाता है। हजारों ऋषियों की तपस्थली रहा यह प्रदेश वाकई कही मायनों में खास है। आज भी उत्तराखंड बहुत सी महाशक्तियों और पौराणिक धरोहरों के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। आर्थिक रूप से भी उत्तराखंड देश के विभिन्न राज्य को मदद पहुंचता है। पूरे भारत में सर्वाधिक बांध (डैम) उत्तराखंड राज्य में ही हैं जिनसे सम्पूर्ण देश के नागरिकों और उद्योगों को बिजली प्राप्त होती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य और दिल्ली जैसे केंद्रशासित प्रदेश को पानी भी पहुंचाया जाता है।

भारत के नक़्शे पर नजर डाले तो शिर्ष पर विराजमान उत्तराखंड कई अन्य दृष्टि से भी अपनी पौराणिक महानता को दर्शाता है। विभिन्न विभागों में शिर्ष पर बैठे उत्तराखंड के नागरिकों ने समय समय पर बताया है कि उत्तराखंड न सिर्फ शरीरिक बल्कि मानशिक रूप से भी परिपूर्ण राज्य है। गणतंत्र दिवस पर बाबा केदार झांकी के माध्यम से उत्तराखंड राज्य ने अपने संस्कृति के साथ लोगों की भगवान शिव के प्रति आस्था के दर्शन करवाए, यूँ तो आये साल हजारों लोग उत्तराखंड की संस्कृति और समाज के दर्शन को आते हैं लेकिन जिन लोगों ने अभी तक उत्तराखंड की महान संस्कृति के दर्शन नही किए उनके लिए बाबा केदार की झांकी ने जरूर उत्तराखंड आने की इच्छा को जगाया होगा।

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखंड की 'केदारखंड' झांकी को तीसरे स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखंड के प्रतिनिधि और टीम लीडर श्री केएस चौहान ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड द्वारा अनेक बार प्रतिभाग किया गया, परंतु यह पहला अवसर है जब उत्तराखंड की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

प्रत्येक राज्य की अपनी एक अलग विशेषता होती है लेकिन पहाड़ी राज्य की कोई अलग विशेषता को आप अलग से परिभाषित नही कर सकते हैं। क्योंकि ऐसा राज्य ही विशेष होते हैं। उत्तराखंड झांकी के चयन पर मुख्यमंत्री रावत ने खुशी जताई है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चौहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

उत्तराखंड सूचना विभाग के उपनिदेशक/झांकी के टीम लीडर श्री केएस चौहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों, में झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पन्त, वरूण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे। सभी कलाकरों ने इस झांकी के लिए अच्छा पूर्वाभ्यास किया था। राजपथ पर सुशोभित यह झांकी उत्तराखंड की परम्पराओं का प्रतीक रही। आपको बता दें कि केदारनाथ में पीएम मोदी की भी दिलचस्पी होने के कारण आपदा के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कार्य किये जा रहे हैं।