उत्तराखंड समाचार: उत्तराखंड राज्य के वीर सपूतों ने देश की रक्षा में हमेशा से सर्वोच्च बलिदान दिया है। आजादी के बाद से प्रदेश के हजारों बेटों, भाइयों और पतियों ने कभी किसी के आगे घुटने नही टेके। उत्तराखंड देव व ऋषियों की भूमि के बाद आने वाले समय में वीर शहीदों के नाम से जानी जाएगी। प्रदेश के युवाओं में आज भी सेना को लेकर जो उत्साह है वह बताता है कि उत्तराखंड न सिर्फ नक्शे पर बल्कि लोगों के दिलों में भी सिर्फ पर राज करता है। 27 जनवरी 2021 को राज्य के वीर सपूतों में एक और नाम जुड़ गया, रणवीर । रणवीर का परिवार मूल रूप से थाला, थराली जिला चमोली का रहने वाला है। परिवार 11 साल पहले हल्द्वानी आ गया था। रणवीर और लक्ष्मण ने चांदनी चौक बल्यूटिया गांव में घर बनाए थे। जबकि एक भाई भाई राजेंद्र चमोली गढ़वाल स्थित मूल गांव में रहते हैं।

रणवीर की पत्नी बसंती देवी, दोनों बेटों मनीष और प्रियांशु को यकीन नहीं हो रहा है कि उनके ऊपर दु:ख का इतना बड़ा पहाड़ टूट गया है। मनीष ने बताया कि 24 जनवरी को पापा का फोन आया था, तब लंबी बात की थी। रणवीर के भाई लक्ष्मण ने बताया कि 26 जनवरी को वीडियो कॉल के जरिये बात की थी। रणवीर पिछले साल आठ जुलाई को घर आए थे और दो अक्तूबर को ड्यूटी पर गए थे। उस दौरान बड़े बेटे मनीष का उपनयन संस्कार भी कराया गया था। उन्हें मार्च में फिर घर आना था। रणवीर के भाई लक्ष्मण ने बताया कि वह नागालैंड में ड्यूटी पर थे। उन्हें पता चल गया था कि उनका भाई अब जिंदा नहीं है। उन्होंने खुद को संभाला मगर यह बात घर वालों को नहीं बताई। रणवीर के अनुसार जब तक असम राइफल की ओर से यह जानकारी रणवीर के घर तक नहीं दी जाती तब तक वह ऐसा नहीं कर सकते थे।

26 जनवरी की सुबह मणिपुर के सैलून क्षेत्र में अपने साथियों के साथ पेट्रोलिंग पर गए थे। 27 जनवरी की सुबह 6:30 बजे स्थानीय आतंकी गुटों ने घात लगाकर उन पर हमला बोल दिया। रणवीर की बाईं जांघ में दो गोलियां लगने पर साथी उन्हें आर्मी अस्पताल ले गए। सुबह 7:30 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह सात बजे उनका शव चांदनी चौक बल्यूटिया गांव पूरनपुर स्थित घर पहुंचा। इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके दोनों बेटों ने चिता को मुखाग्नि दी। रणवीर के पिता हिम्मत सिंह रावत 3 गढ़वाल रायफल में हवलदार थे। उनके बड़े भाई लक्ष्मण सिंह रावत भी असम रायफल में सूबेदार हैं। लक्ष्मण सिंह का बेटा दिनेश सिंह रावत बंगाल इंजीनियर में सिपाही है। रणवीर तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। रणवीर का परिवार उनकी माँ के साथ ही रहता है।