उत्तराखंड समाचार: उत्तराखंड में यौन अपराध थमने का नाम नही ले रहे हैं। लोगों की मानसिकता इतनी खत्म हो गई है गुरू और शिष्य के सम्बन्ध को भी कलंकित कर दिया है। उत्तराखंड में बढ़ने वाले अपराधों के बारे में पहाड़ समीक्षा लगातार लेख प्रकाशित कर रहा है लेकिन मुख्य धारा का मीडिया इस विषय पर क्यों चुप है, यह बहुत बड़ा सवाल है। राज्य में अपराध में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नही है। अपराधियों के खिलाफ कठोर प्रावधान न होने की वजह से अपराध बढ़ता ही जा रहा है। ताजा मामला हल्द्वानी से प्रकाश में आया है।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कटारी, थाना जामो तहसील गौरीगंज, सुल्तानपुर निवासी उमाकांत मिश्रा हल्द्वानी में रहकर मुखानी स्थित निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ाता था। आठ जून 2017 को कोचिंग में पढऩे आई 11वीं की छात्रा से उमाकांत ने छेड़छाड़ कर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। किसी तरह शिक्षक के चंगुल से भागी छात्रा ने मुखानी चौराहा स्थित एक मेडिकल स्टोर से फोन मांगकर आपबीती पिता को सुनाई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसी शाम मुकदमा दर्ज कर शिक्षक उमाकांत को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला विशेष न्यायाधीश पाक्सो अर्चना सागर की कोर्ट में चला। पुलिस ने अर्चना के खिलाफ धारा 354, 354क व 9/10 पाक्सो अधिनियम के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। उत्तराखंड समाचार

शिक्षकों में भी अगर इस प्रकार की प्रवृति विकसित हो रही है तो सोचिए राज्य में शिक्षा का स्तर क्या होगा। 'विद्या ददाति विनयम' जैसे भाव का तो आज कोई अर्थ ही नही रहा। हम तकनीकी ज्ञान को सब कुछ मानकर आगे तो बढ़ रहे हैं लेकिन आदर्श और विनम्रता को पीछे छोड़ते जा रहे हैं। पाठ्यक्रम से महान लोगों और उनके आदर्शों से सम्बंधित शिक्षा का न होना, अपनी पौराणिक संस्कृति और संस्कारों के बजाय वेस्टर्न संस्कृति को बढ़ावा देना और आरक्षण जैसी दीमक को बौद्धिक स्तर पर प्राथमिकता देना भी इन सब बातों के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं। स्कूली शिक्षा में सम्पूर्णता न होने की वजह से कोचिंग सेंटर जैसे विकल्पों का जन्म जरूर हुआ लेकिन यहां आपको नैतिकता और आदर्श का पाठ पढ़ाने वाला कोई नही मिलता है। उत्तराखंड समाचार

यही वजह है कि अच्छी स्कूलों से शिक्षा लेने के बाद और उच्च शिक्षा होने पर भी कुछ लोगों की मानसिकता नही बदल पाती है। इन्ही में से जब कुछ लोग शिक्षक जैसे पदों तक पहुंच जाते हैं तो स्थिति और भी सोचनीय बन जाती है। यही कुछ हुआ हल्द्वानी में, शिक्षक ने कोचिंग के दौरान 11वीं में पढऩे वाली नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ व अश्लील हरकत तो कर दी लेकिन उसने यह नही सोचा की इस हरकत से समाज में क्या सन्देश जाएगा। अब विशेष न्यायाधीश पाक्सो अर्चना सागर की अदालत ने शिक्षक को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेश पर दोषी कोचिंग शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।