औली में इस साल अब तक की सबसे कम बर्फबारी हुई है। पिछले दिनों पड़ी बर्फ अब पिघलनी शुरू हो गई है। लेकिन औली में हर साल होने वाली स्नो स्केडिंग के लिए य्या साल बर्फ की कमी को देखते हुए कृत्रिम बर्फ बनाने का फैसला लिया गया है। औली में बर्फ बनी रहे इसके लिए जीएमवीएन ने स्नो मेकिंग मशीन से बर्फ बनाने का काम शुरू किया है। उत्तराखंड के औली में फरवरी में होने जा रहे विंटर गेम्स की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार बर्फबारी कम होने के चलते औली में गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से कृत्रिम बर्फ बनाने का काम शुरू हो गया है। रविवार को तापमान शून्य तक जाने के बाद मशीन से बर्फ बनाई गई।

आपको बता दें कि शीतकालीन खेलों के लिए विश्व प्रसिद्ध औली में स्कीइंग प्रशिक्षण स्कूल खोला जाएगा। इससे देश दुनिया से आने वाले प्रशिक्षुओं को स्कीइंग की ट्रेनिंग मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। बीते दिन विश्व स्नो दिवस पर स्थानीय युवाओं और पर्यटकों ने औली में स्कीईंग का आनंद लिया और बर्फ में खेलते हुए गढ़वाली गीतों पर डांस भी किया। रविवार होने के चलते औली में पर्यटकों की तादात काफी बढ़ी हुई थी। यह दिवस औली में पिछले 10 वर्षों से मनाया जा रहा है। जबकि बर्फीले देशों में यह दिवस 45 वर्षो से मनाया जाता रहा है।

दरअसल फरवरी माह में औली में विंटर गेम्स का आयोजन होने हैं। इसे देखते हुए यहां बर्फ बनी रहे और मशीन भी अच्छे से काम करती रहे इसलिए अभी से मशीन से बर्फ बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जीएमवीएन रोपवे के प्रबंधक दिनेश मलासी ने बताया कि औली में कृत्रिम बर्फ बनाई जा रही है। तापमान में गिरावट आने से मशीन से बर्फ बन रही है। यह कार्य लगातार जारी रहेगा।