भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भगत ने कहा था कि उत्तराखंडी खान-पान और आनाज आदि की बातें हरीश रावत का नाटक हैंं। इसी का जवाब हरदा ने अपने अंदाज में दिया तो बंसी की बेसुरी तान बन्द हो गई। हरदा ने कहा कि, यह हरीश रावत के नाटक का ही प्रभाव है कि आज मडुवे का आटा 40 रुपये किलो बिक रहा है। जिस गेठी को लोग जानते नहीं थे, वो गेठी आज 60 रुपये किलो भी उत्तराखंड में बाजारों में लोगों को मिल नहीं पा रही।

दरअसल, सोमवार को डीजीपी अशोक कुमार ने सप्ताह में एक दिन पहाड़ी व्यंजन बनाने के आदेश जारी किए हैं। हरीश रावत व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के बीच इन दिनों जुबानी जंग छिड़ी हुई है। भगत द्वारा खान-पान को लेकर की गई टिप्पणी का फेसबुक के जरिये जवाब देते हुए हरदा ने कहा कि हमने मडुआ, चौलाई, राजमा, काले भट्ट, मास के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य के साथ-साथ बोनस योजना भी शुरू की थी। लेकिन आपकी सरकार आने पर बोनस योजना को ही समाप्त कर दिया गया।

हरदा ने भगत को पुराने भाव याद दिलवाते हुए कहा कि 2016-17 में मडुवे का रकबा दस प्रतिशत बढ़ा था। मगर जब आप आए तो 12 प्रतिशत घट गया। पूर्व सीएम ने कहा कि हमारा कथित नाटक ही लोगों के सोच और जीवन में परिवर्तन ला रहा है। चुटकी लेते हुए हरदा ने कहा कि वैसे नाटक तो आप भी अच्छा कर लेते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि ये जुबानी जंग कहां जाके रुकती है या फिर यूँहीं नाटक-नाटक का खेल जारी रहेगा।