14 जनवरी को ऊधमसिंहनगर जिले के गांव रायपुर से मच्छमार जाने वाले रास्ते पर नहर किनारे एक युवक की लाश मिली थी। मरने वाले युवक की शिनाख्त वीर सिंह के रूप में हुई। क्षेत्र में हुए जघन्य हत्याकांड से हर कोई सन्न था। इस मामले में मृतक की पत्नी ने तीन युवकों के खिलाफ अफजलगढ़ थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो हत्याकांड को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस पूछताछ में तीनों युवक बेगुनाह निकले।
 
इसी कड़ी में आगे पुलिस ने मृतक के भतीजे सोमपाल को गिरफ्तार कर उससे सख्ती से पूछताछ की। पहले तो सोमपाल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के लठ जब पड़े तो सच हलक से निकल ही गया। सोमपाल ने बताया कि उसका चाचा वीर सिंह मजदूरी करता था। सोमपाल भी उसी के साथ काम करता था। दो साल पहले सोमपाल के उसकी चाची सुशीला के साथ अवैध संबंध बन गए। दोनों साथ में वक्त गुजारने लगे। इस बीच दो महीने पहले वीर सिंह ने अपनी पत्नी और भतीजे को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस बात से गुस्साए वीर सिंह ने पत्नी की कुटाई कर दी और इस बात को लेकर दोनों के बीच टकराव बढ़ गया। चाची सुशीला ने पति को ठिकाने लगाने की ठान ली।  

सुशीला ने सोमपाल को उकसाकर पति को रास्ते से हटाने को कहा। साथ ही ये भी कहा कि वो हत्या का इल्जाम वीर सिंह संग झगड़ा करने वाले युवकों पर लगा देगी। प्लान तैयार होते ही सोमपाल 14 जनवरी को अपने दोस्त लवकुश और अनस को लेकर क्षेत्र में आ गया। तीनों गांव हरपुर के पास खड़े होकर वीर सिंह के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही वीर सिंह बाइक से मौके पर पहुंचा तीनों ने उसके सिर पर डंडों से प्रहार कर उसकी जान ले ली। और किसी को शक न हो इसलिए लाश को नहर में फेंक दिया। इस तरह से चाची के प्यार में भतीजे ने चाचा की हत्या कर डाली।