असहनशीलता क्या होती है इसका बहुत बड़ा उदाहरण है यह घटना। आज कल यही असहनशीलता युवाओं में राजनीतिक चेहरों को लेकर भी देखने को मिल रही है। युवा अपने पसंदीदा चेहरे को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में अपने पिता की उम्र के व्यक्ति से भी इस असभ्यता से बात करने लगे हैं कि मानो उनके लिए संस्कार और आदर्श शब्द बने ही न हो। कई जगह तो देखा गया है कि दो लोग एक तीसरे व्यक्ति के लिए की गई टिप्पणी को लेकर इतने असहज हो गये कि मार-काट पर उतर आये। आज लोग अहिंसा को छोड़कर हिंसा के मार्ग को अपनाने में देरी नही कर रहे हैं। कानून व्यवस्था का भय भी अब लोगों के मन से उतरता जा रहा है और असहज प्रवृति बढ़ती जा रही है।

25 जनवरी को बागेश्वर जिले में जो कुछ हुआ वह जानकर आप दंग रह जाएंगे। असहनशीलता किस प्रकार मन को कुंठित कर देती है और कुंठा कैसे बुद्धि का हरण कर लेती है, इसका अर्थ इस घटना से शायद आपको भी समझ आ जाएगा। कैसे एक 09 वर्ष के बच्चे की बातों से 20 वर्षीय युवा असहज हो गया और दिमाग पर असहनशीलता ने डेरा जमा लिया, फिर अंजाम को मौत तक मन की कुंठा कैसे ले गई यह जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

बागेश्वर में कपकोट थाना क्षेत्र के सूपी गांव में एक 09 वर्षीय बच्चे ने खेल खेल में अपनी बातों से एक 20 वर्षीय युवक को उकसाना शुरू किया। बच्चे का नाम राकेश और युवक का नाम कैलाश है। दो माह पहले ही राकेश के पिता की मृत्यु हो चुकी थी जिस वजह से वह पहले से ही कुछ परेशान था, लेकिन इसी बीच 09 वर्षीय बच्चे राकेश ने कैलाश को किसी बात पर इतना चिढ़ाया कि कैलाश ने कुंठित होकर 09 वर्षीय राकेश को मौत की गोद में सुला दिया।

पुलिस के अनुसार सूपी गांव का रहने वाला राकेश कुमार (9) पुत्र मंगल राम 25 जनवरी की रात बड़े भाई भरत कुमार (15) के साथ कमरे में बैठकर टीवी देख रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला कैलाश राम (20) पुत्र मलक राम खिड़की के रास्ते कमरे में घुसा। उसने आते ही कमरे में रखा क्रिकेट का बैट उठाया और राकेश के सिर पर चार-पांच वार किए जिससे मासूम राकेश बेहोश हो गया। भरत अपने माता-पिता को बुलाने दूसरे कमरे की ओर दौड़ा। इस दौरान आरोपी ने राकेश को उठाकर घर के अंदर रखी अटैची में डालकर बंद कर दिया और भाग गया।

माता-पिता ने राकेश को अटैची से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर भेज दिया। हल्द्वानी ले जाते राकेश ने अल्मोड़ा के पास दम तोड़ दिया। राकेश के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। कपकोट के थानाध्यक्ष मदन लाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 302 और 456 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब देखा जाय तो एक 09 वर्ष का बच्चा जिसमें दुनियां को समझने की भी समझ नही थी उसकी बातों एक 20 वर्षीय युवक असहज हो गया। फिर अवचेतन मष्तिष्क ने लगातार असहनशीलता का पाठ पढ़ाया और चेतन मष्तिष्क ने उसको हकीकत में बदल दिया। इन सब में नही रही तो एक जिंदगी और जिसने जिंदगी छीन ली उसके पास एक अफसोस। अगर वह उसी समय सहज होकर बात कर लेता तो शायद यह नौबत न आती। लेकिन मन की कुंठा ने उसे अपराधी बना दिया।