उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की एंट्री हो चुकी है। राज्य में बर्ड फ्लू से सबसे ज्यादा नुकासन कौओं को हुआ है। अब की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में लगभग 500 से अधिक कौओं ने H5N8 वायरस के कारण दम तोड़ दिया है। इसके अलावा कुबूतर और कुछ अन्य पक्षियों की भी मौत हुई है लेकिन आंकड़ा बहुत बड़ा नही है। आपको बता दें कि राज्य में पाया गया बर्ड फ्लू वायरस H5N8 ज्यादा घातक वायरस नही है लेकिन अभी यह केवल भोपाल लैब की रिपोर्ट के आधार पर सिद्ध हुआ है कि वायरस H5N8 है। जबकि देश की विभिन्न लैबों में गये सैम्पलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

इसी बीच एक बड़ी खबर वीरवार को कर्णप्रयाग ब्लॉक से आई है जहां बगोली गांव के जंगल में 30 से अधिक मुर्गे मरे मिले। यह सभी मुर्गे जंगली हैं और ग्रामीणों के द्वारा जंगल में मृत देखे गये थे। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना पशु विभाग को दी गई। जिसके बाद पशु विभाग ने मौके पर आकर अभी 30 मृत मुर्गे-मुर्गियों को अपने कब्जे में ले लिया।

वन विभाग को इस बात का अंदेशा है कि मुर्गे-मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण ही हुई है, क्योंकि इतनी संख्या में पहले कभी इस प्रकार जंगल में मुर्गे मृत नही मिले हैं। वन प्रभाग के डीएफओ आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी मरे मुर्गों को कब्जे में लिया गया है। कुछ के सैम्पल एकत्रित कर लिए गये हैं। इसके बाद सभी 30 मुर्गे-मुर्गियों को मिट्टी में दफना दिया गया है।