यौन शोषण मामले में तीन साल बाद मिला छात्रा को न्याय, आरोपी शिक्षक को मिला 20 वर्ष का कारावास ।


टिहरी जिले में आज से लगभग 3 साल पहले एक दिल दहला देने वाला बलात्कार हुआ था जहां एक शिक्षक ने ही छात्रा को अपनी हैवानियत का शिकार बना दिया था। 22 सितंबर 2017 को पीड़िता के पिता ने उनकी बेटी के साथ हुए बलात्कार का मुकदमा पुलिस में दर्ज कराया था। पिता ने मामला तब दर्ज कराया था जब उनकी नाबालिग बेटी 8 महीने की गर्भवती थी। जब पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो पुलिस भी दंग रह गई क्योंकि बलात्कारी और कोई नहीं छात्रा का शिक्षक था जो कि स्कूल के बाद उसको अपने पास रोक कर जबरदस्ती उसका शारीरिक रूप से शोषण करता था।

13 सितंबर 2017 को छात्रा ने अपने पेट में बहुत तेज दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद परिजनों ने उसको अस्पताल में भर्ती कराया था जहां पर डॉक्टरों ने उसे 8 महीने की गर्भवती बताया था। छात्रा के खुलासे पर पता चला कि शिक्षक प्रमेश कुमार प्रवक्ता इतिहास जबर्दस्ती छात्रा का यौन उत्पीड़न करता था। आरोपी शिक्षक स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसको क्लास में रोकता था और उससे कमरा साफ करवाता था और उसको खाने- पीने की कुछ चीजों में नशीला पदार्थ भी देता था जिसके बाद वह बेहोश हो जाती थी और वह उसके साथ दुराचार करता था। यह बात किसी को बताने पर वह छात्रा को और उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी भी देता था। पीड़िता ने बताया कि उसके शिक्षक ने कई बार उसको अपने घर पर बुलाकर भी उसके साथ रेप किया।

पूरा वृतांत सुनने के बाद पिता ने 22 सितंबर को थाना कैंपटी में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया था। अब 3 साल के लंबे समय के बाद टिहरी में विशेष न्यायाधीश अमित कुमार की अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की सभी दलीलें सुनने के बाद आरोपी और कलंकित शिक्षक प्रमेश को दोषी पाते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है और राज्य सरकार को पीड़िता को मानसिक व शरीरिक शोषण की भरपाई के लिए ₹ 7 लाख भुगतान करने के निर्देश जारी किये हैं।

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