उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र की एक 50 वर्षीय महिला अपने घर में अकेली रहती थी। तीन दिन पहले वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। सुबह कुछ ग्रामीणों ने उसके दरवाजे पे एक जलता हुआ टार्च पाया था लेकिन जब दरवाजा खोला तो अंदर कोई नही था। आसपास ढूंढने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ मिलकर महिला की खोजबीन शुरू की। उसके बाद जो सच सामने निकलकर आया उससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्याल्दे ब्लॉक के बरंगल गांव के किमबगड़ तोक निवासी शांति देवी (50) घर पर अकेले रहती थी। वह तीन दिन से लापता थी। ग्रामीण उसकी ढूंढखोज में लगे थे। महिला के घर के आसपास तेंदुए के पंजों के निशान भी देखे गए। बुधवार को ग्रामीणों और उप वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र आर्य के नेतृत्व में टीम ने महिला की फिर खोजबीन की तो घर से करीब दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में महिला का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। सूचना पर राजस्व पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

108 एंबुलेंस से महिला का शव सीएचसी देघाट लाया गया, जहां रानीखेत से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव ग्रामीणों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार और रेंजर से तेंदुए से शीघ्र निजात दिलाने की मांग की। वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है। महिला को शिकार बनाने के बाद वन विभाग ने घटनास्थल के समीप पिंजरा लगा दिया है। ग्रामीणों ने भी डीएम से तेंदुए के बढ़ते आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है।