केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बच्चों, व्यक्तियों और संस्थाओं से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 के लिए नामांकन आमंत्रित किए थे। बाल शक्ति पुरस्कार ऐसे बच्चों को दिया जाता है जो असाधारण क्षमताओं के धनी हों या जिन्हेंं नवाचार, शैक्षणिक, खेल, कला और संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण पहचान मिली हो। मूलरूप से टिहरी के प्रतापनगर के रहने वाले अनुराग रमोला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुने गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने उनका चयन किया है। उत्तराखंड से वह इकलौते छात्र हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अवॉर्ड विजेताओं से संवाद करेंगे।


महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, हर साल अलग-अलग श्रेणी में विशिष्ट योग्यता रखने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करता है। पुरस्कार के तहत अनुराग को एक लाख रुपये,मेडल व सर्टिफिकेट दिया जाएगा। छात्र अनुराग गत वर्ष दिल्ली में हुई परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। तब अनुराग ने पीएम को भी अपनी पेंटिंग दिखाई थी। जिसे मोदी ने सराहा था। मंत्रालय की संयुक्त सचिव आस्था सक्सेना खटवानी ने राज्य की सचिव महिला एवं बाल विकास सौजन्या को पत्र लिखकर अनुराग का अवार्ड के लिए चयन होने की सूचना दी है।

वर्तमान में अनुराग अपने माता-पिता के साथ देहरादून में रहते हैं। अनुराग अभी महज 16 वर्ष के हैं। अनुराग रमोला के पिता सीएस रमोला नगर निगम में कार्यरत हैं। इस अवॉर्ड के लिए केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी में 10वीं के छात्र अनुराग का चयन कला एवं संस्कृति की श्रेणी में किया गया है। कला के क्षेत्र में अनुराग ने छोटी उम्र में काफी प्रसिद्धि प्राप्त की है।