घर बनाने का सपना कौन नही देखता है, कोई मिट्टी पत्थर से घर बनाता है तो कोई सीमेंट ईंट से घर बनाता है। लेकिन जिस चाह में घर की मिट्टी लेने निकले हैं उसी में दफन हो जाएंगे ऐसी खबर से दूर दूर तक कोई सरोकार नही रहता है। पहाड़ों में आज भी घरों को बनाने और उनकी लिपाई पुताई में मिट्टी का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में लोगों का अच्छी मिट्टी के टीलों तक जाना स्वाभाविक है। लेकिन जिस टीले से मिट्टी लेनी है अगर वही टूट जाए और इंसान उसके नीचे आ जाए तो क्या होगा। ऐसी ही दर्दनाक खबर आई है बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से जहां मिट्टी लेने गए दम्पति की टीले के नीचे आने से मौत हो गई।

कपकोट पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जगथाना गांव निवासी 30 वर्षीय देवेंद्र सिंह दानू पुत्र जशोद सिंह तथा उनकी 25 साल की पत्नी गीता देवी मंगलवार को गांव के पास के जंगल में मिट्टी खोदने के लिए गए थे। देर पांच बजे तक जब वह नहीं पहुंचे तो परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी। इसके बाद खोजबीन की गई तो मिट्टी के टीले के पास कुछ खनन से संबंधित बर्तन रखे थे और दोनों टीले के अंदर दबे थे। इसकी जानकारी ग्रामिणों ने एसडीएम प्रमोद कुमार और पुलिस को दी। सूचना के बाद नायब तहसीलदार पूजा शर्मा, थानाध्यक्ष मदन राम, दलकमल विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रात में शवों को निकालने के लिए रेस्क्यू चला।

लगभग एक बजे दोनों शवों को निकाला गया। रात में पंचनामा भरने के बाद शवों को जिला मुख्यालय लाया गया। बुधवार को डाक्टरों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया और शव परिजनों को सौंप दिया। इस खबर से पूरे गांव में दुःख की लहर है। मौत कब किसका इंतजार कहाँ कर रही है कोई नही जनता है। एक घर बुनने का सपना पूरा संसार ही लूट लेगा इसकी भनक भी अगर होती तो शायद दो जिंदगियां बच जाती।