उत्तराखंड में भालू के हमले थमने का नाम नही ले रहे हैं। ताजा मामला देवाल विकासखंड के खेता-मानमति गांव का है जहाँ वृद्ध पर भालू ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। घायल को 108 की मदद से देवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। आये दिन ऐसी खबरे आम हो गई हैं। अमूमन कम दिखने वाले भालू ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं।

खेता-मानमति गांव के कुंवरपाटा तोक निवासी नेत्र सिंह बीती रोज जंगल में घास और लकड़ी लेने गए थे। इसी बीच घात लगाए बैठे भालू ने उनपर हमला कर दिया। भालू से बचने के प्रयास में वो पहाड़ी से नीचे गिर गए। देर रात तक नेत्र सिंह घर नहीं पहुंचे स्वजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह घायल वृद्ध पहाड़ी के नीचे बेसुध मिले। ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे किसी तरह घायल को गांव तक पहुंचाया। देवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अली ने बताया कि भालू ने वृद्ध की जांघ, पीठ और गर्दन पर गहरे जख्म किए हैं।

क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से गश्त के साथ जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है। वन दारोगा जमन सिंह ने घायल का हालचाल जाना। ग्रामीण वन विभाग से मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं, साथ ही मांग कर गांव में वन कर्मियों की तैनाती करने की मांग भी कर रहे हैं। उत्तराखंड में पिछले छह आठ माह में हिंसक हुए जंगली जानवरों पर वन विभाग अभी तक किसी प्रकार की सफाई नही दे रहा है कि आखिर जंगली जानवरों के हिंसक होने का क्या कारण है।