पहाड़ समीक्षा


प्रदेश में लगातार मृत मिल रहे कौओं की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले पहाड़ समीक्षा ने मृत मिले कौओं पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। आज उन्हीं रिपोर्ट के सैम्पलों में मिले वायसर के बारे में चर्चा करेंगे। जानेंगे कि पाया गया वायसर मनुष्य के लिए कितना घतक है। और अभी तक किस लैब के आंकड़ों के आधार पर राज्य में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है।

प्रदेश में अब तक गढ़वाल मंडल में मरने वाले कौवों के 250 सैंपल ऋषिकेश और कुमाऊं मंडल में मरने वाले 250 कौवों के सैंपल रुद्रपुर में रखे गए हैं। ऐसी जानकारी पशुपालन अपर निदेशक केके जोशी ने आज एक बैठक में साँझा की है। आपको बताना दें कि इसके अलावा कोटद्वार में मृत चार कौओं और देहरादून व ऋषिकेश में मृत कौओं में से कुछ के सैम्पल पहले ही देश की विभिन्न लैबों में भेजे जा चुके थे जैसा की पहाड़ समीक्षा समय समय पर अपने लेखों से पाठकों को अवगत करवाता रहा है।

दरअसल, राज्य के पड़ोसी राज्यों हिमांचल व हरियाणा में उत्तराखंड से पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी थी। इस वायरस के कारण जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ वह कौआ है। ऐसे में इस बात कि अधिक आशंका है कि हिमांचल सीमा से लगे कौओं से इस वायरस की एंट्री उत्तराखंड में हुई जिस वजह से झुंड में रहने वाले कौवे इस वायसर से सर्वाधिक प्रभावित हुआ। दूसरा अब जो रिपोर्ट में सामने आया है वह यह कि हिमांचल और उत्तराखंड में जो बर्ड फ्लू का वायरस पाया गया वह एक ही तरह का है। इससे भी साफ होता है कि राज्य सीमा में मौजूद कौओं के इधर से उधर प्रवास करने के कारण यह वायरस कौओं में आया होगा।

राज्य से लिए गये सैम्पलों को सबसे पहले भूपाल लैब में भेजा गया था और उसी की रिपोर्ट सबसे पहले सार्वजिनक हुई है। उस रिपोर्ट में जिन भी कौओं के सैम्पल भोपाल गये थे सब में H5N8 वायरस पाया गया। जबकि बर्ड फ्लू में अब तक का सबसे घातक वायरस H1N1 है। H1N1 वायरस मनुष्य के लिए भी बहुत खतरनाक है, इसी वायसर की चपेट में इस साल अब तक दुनिया में सैकड़ो लोगों ने अपनी जान गवाई है। हाँ, भारत में अब तक बर्ड फ्लू से मौत का कोई मामला सामने नही आया है। इस साल अब तक H1N1 की पुष्टि पड़ोसी राज्यों में भी नही हुई है। पड़ोसी राज्य हिमांचल में H5N8 वायरस ही सक्रिय पाया गया है जबकि हरियाणा में H5N1 सक्रिय पाया गया है। H5N1 वायसर H5N8 से ज्यादा खतरनाक तो जरूर है लेकिन इतना नही कि इंसान की जान लेले ।

अब बात करते है उत्तराखंड में मिले H5N8 वायरस की, तो इस वायरस से इंसान को किसी प्रकार का खतरा अभी तक नही है। सामान्य उपचार से ही इस वायरस पर काबू पाया जा सकता है। लेकिन पक्षियों के लिए यह जरूर घातक है। आपको बता दें कि अंडा और मांस भी अगर अच्छे से पका लिया जाय तो एक तापमान पर बर्ड फ्लू का वायरस दम तोड़ देता है। पशुपालन निदेशक ने बताया कि वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो चुका है कि 70 डिग्री तापमान तक मुर्गा या अंडा पकाकर खाने में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है।