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उत्तराखंड समाचार: हाई अलर्ट !! उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की हुई पुष्टि, कुछ दिन पहले लिए गये थे सैम्पल।



उत्तराखंड में लगातार कुछ दिनों से मृत मिल रहे कौओं और अन्य पक्षियों के मौत से राज उठ गया है। पहाड़ समीक्षा ने खबर प्रकाशित की थी कि कोटद्वार से लेकर देहरादून और रुड़की तक की तमाम रिपोर्टों के सैम्पल भोपाल और उत्तर प्रदेश की लैबों में भेजे गये थे। अब केंद्र ने राज्यों को जनता के बीच जागरुकता फैलाने और फर्जी सूचनाओं के प्रसार की रोकथाम के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने सभी राज्यों को जलाश्यों, पक्षी बाजारों, मुर्गी पालन केंद्रों और चिड़ियाघर के आसपास निगरानी बढ़ाने को कहा है।

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जगह-जगह पक्षियों के मृत मिलने की खबरें आ रही थीं। लोग बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर डरे हुए थे, और अंत में जब सैम्पल की रिपोर्ट आई तो सबकी आशंका सही निकली। केंद्र ने सोमवार को उत्तराखंड में बर्ड फ्लू के केस मिलने की पुष्टि की है। उत्तराखंड के साथ-साथ दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी इस वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है।

आपको बता दें उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से मुर्गी और अंडे की खरीद पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन राज्य में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं से यह आशंका जताई जा रही थी कि राज्य में बर्ड फ्लू की एंट्री हो चुकी है। कल पहाड़ समीक्षा लेख में जिक्र किया गया था कि कैसे रुड़की में मुर्गियां रात रात में एक-दो करके मर रही हैं। ऐसे में राज्य को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें देहरादून के हस्पतालों में बर्ड फ्लू के आशंकित होने की वजह से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है।

सरकार ने मुर्गी पालन केद्रों में पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया है। साथ ही मृत पक्षियों को प्रोटोकॉल के तहत दफनाने के निर्देश दिए हैं। बर्ड फ्लू से डरें नही लेकिन सतर्क रहें। कोरोना के इस दौर में चिकन और अंडे के सेवन से बचें। घर के आसपास मृत पड़े पक्षियों को खुले हाथों से न छुएँ। यदि आपके घर के आस पास मृत पक्षी मिलें तो इसकी सूचना पशु विभाग को दें।

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