टिहरी जिले ले कंडीखाल क्षेत्र में ठेकेदारी करने वाले मोलधार निवासी रघुवीर लाल को 04 जनवरी को उनके पास एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कुछ रुपये खाते में डालने हैं, जिन्हें वह बाद में ले लेगा। ठेकेदार ने मना कर दिया। इस पर फोन करने वाले ने एक व्यक्ति से ठेकेदार की बात करवाई। जिसके बाद ठेकेदार ने हामी भर दी। ठग ने पहले पांच रुपये रघुवीर लाल के खाते में डाले। उसके बाद रघुवीर लाल को एक लिंक भेजा। जिस पर क्लिक करने के बाद और पैसे भेजने की बात कही। इस पर ठेकेदार ने लिंक पर क्लिक कर दिया। जिसके बाद ठेकेदार के खाते सेएक लाख रुपये उड़ने शुरू हो गए।

खाते से एक लाख रुपये कटने का सन्देश जैसे ही फोन पर आया तो रघुवीर लाल समझ गया कि वह ठग लिया गया है। ठेकेदार ने समय पर टिहरी स्थित साइबर सेल को सूचना दे दी। साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने जांच की तो पता चला कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से ठग ने उक्त धनराशि से कुछ सामान खरीदने का आर्डर किया था।साइबर सेल ने त्वरित कारवाई करते हुए कम्पनी को निर्देश जारी कर दिए।

यह सारा वाक्य कुछ दिन पहले ही घटित हुआ था। जिसकी सूचना रघुवीर लाल ने तुरन्त साइबर सेल टिहरी को दे दी थी। बुधवार को 84 हजार रुपये रिकवरी की गई। बाकि धनराशि को रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी के इस दौर में साइबर ठग बड़ी तेजी से फैल रहे हैं। पहाड़ समीक्षा समय समय पर पाठकों को अवगत करवाता रहता है। ऐसे में सावधान रहें, सर्तक रहें।